पश्चिमशरीरा। डेढ़ावल बालू घाट के रास्ते को लेकर 13 दिन पहले हुए विवाद में जिंदा जलाए गए अधेड़ ने प्रयागराज के अस्पताल में दम तोड़ दिया। घाट संचालक के गुर्गे को गोली मारे जाने से गुस्साई भीड़ ने अधेड़ को रायल्टी रूम में कैद कर आग लगा दी थी। प्रयागराज पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधेड़ की मौत से पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
पश्चिमशरीरा कोतवाली के डेढ़ावल में बालू खनन का तीन लोगों के पास पट्टा है। पट्टा धारक काके का रास्ते को लेकर गांव के झल्लर चौबे से विवाद था। 23 फरवरी को झल्लर चौबे और काके के समर्थक नीरज के बीच मारपीट हो गई। नीरज कई लोगों के साथ था और उसने झल्लर चौबे को जमकर पीटा। बचाव में झल्लर ने तमंचे से फायर कर दिया। गोली नीरज के सीने में लगी। इसके बाद गुस्साए लोगों ने झल्लर को खदेड़ लिया। जान बचाने के लिए झल्लर चौबे एक अन्य घाट संचालक केशरीनंदन सिंह के रायल्टी रूम में घुसा तो भीड़ ने वहां भी धावा बोल दिया।
रायल्टी रूम में तोड़फोड़ के बाद लूटपाट की गई। भीड़ ने रायल्टी रूम में बंद झल्लर को आग के हवाले कर दिया। मौके पर पहुंची फोर्स ने किसी तरह स्थित संभाली। गंभीर रूप से झुलसे झल्लर को प्रयागराज के अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां बुधवार की रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना से पीड़ित परिवार में कोहराम मचा है। झल्लर के गांव में सुरक्षा के मद्देनजर फोर्स तैनात की गई है। परिजन शव लेने के लिए प्रयागराज रवाना हो चुके हैं।