एसिड अटैक पीड़िता गीता के बयान और दर्ज कराई गई एफआईआर हकीकत से इत्तेफाक नहीं रखती। पुलिस ने गीता के घर आने वाले एक करीबी दोस्त को हिरासत में लिया है। काफी कुछ राज सामने आ रहे हैं।
प्रभागीय वनाधिकारी ओपी अम्बस्ट के फालोअर हनुमत कुशवाहा नार्मल कॉलोनी में परिवार के साथ रहता है। हनुमत रोज की तरह शनिवार की सुबह अपनी पत्नी गीता के साथ मार्निंग वॉक पर निकला था। भोर में कचहरी के समीप बाइक सवार तीन लोगों ने हनुमत के चेहर पर एसिड डाल दिया। इलाज के लिए उसे जिला अस्पताल लाया गया। मामले में गीता ने सैनी निवासी प्रवीण के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। गीता का कहना था कि उसके पिता रामदयाल कुशवाहा के घर के समीप तालाबी नंबर की जमीन है। प्रवीण उस जमीन पर कब्जा करना चाहता था। गीता के पति उसका विरोध करते थे। पिछले दिनों जब प्रवीण निर्माण करा रहा था, तब भी हनुमत ने उसके पिता के साथ जाकर एएसपी से शिकायत की थी। इस मामले में पुलिस प्रवीण व दो अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच कर रही है। इस बीच पता चला कि गीता के यहां म्योहर का एक व्यक्ति आता था। उसे लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर झगड़ा होता था। पुलिस इसी कड़ी को लेकर खुलासे का तानाबाना बुन रही है। म्योहर निवासी शख्स के हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
आखिर गीता ने क्यों नहीं मचाया शोर
मंझनपुर। जिस स्थान पर घटना हुई वहां पास में ही अधिवक्ता कॉलोनी है। कॉलोनी के लोग भी मार्निंग वॉक पर जाते हैं। जिस समय की घटना बताई जा रही है उस दौरान तमाम लोग भी सैर पर निकले थे। बताया जाता है कि जिस व्यक्ति ने एसिड डाला वह बाइक से उतर कर पैदल आया था। घटना के बाद बाइक लेकर खड़ा व्यक्ति भाग निकला लेकिन जिसमें एसिड डाला वह पैदल ही घटना के बाद से गया। इसके बाद भी गीता ने शोर नहीं मचाया।
एसिड अटैक मामले में पुलिस कई पहलू से जांच कर रही है। जांच में कुछ नई बातें पता चली हैं। पुलिस उसे भी अपनी विवेचना में शामिल करके चल रही है। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
राकेश चौरासिया-सदर कोतवाल