मजदूरी के बहाने 20 लोगों को बेच आया ठेकेदार
महाराष्ट्र के सोलापुर में बंधक बनाकर कराया जाता था काम
घर पहुंचे एक मजदूर के पिता ने की पुलिस से शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। महाराष्ट्र के सोलापुर में चार सौ रुपये रोजाना की मजदूरी दिलाने का सब्जबाग दिखाकर जिले का एक युवक 20 लोगों को बेच आया। युवकों की खोजबीन में परेशान एक व्यक्ति ने ठेकेदार के पिता को बंधक बनाया तो सभी लोग महाराष्ट्र से मुक्त किए गए। मामले की शिकायत मंगलवार को पुलिस से की गई है।
सदर कोतवाली के चक थांबा गांव निवासी बासदेव ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में बताया कि गांव का एक युवक महाराष्ट्र में काम करता है। पिछले दिनों उसने गांव के 20 लड़कों को रोजाना चार सौ रुपये की मजदूरी दिलाने का वादा करके सोलापुर (महाराष्ट्र) ले गया। आरोप है कि वहां पर सभी लोगों को बंधक बनाकर काम कराया जाता था। मराठी सुबह छह बजे से दस बजे रात तक काम कराते थे। एक वक्त का खाना दिया जाता था। इसकी जानकारी बंधक बनाए गए युवकों ने अपने घरवालों को खबर दी तो परिजन परेशान हो गए। घरवालों ने ठेकेदार के पिता को बंधक बनाया तो महाराष्ट्र से 20 लोगों को मुक्त किया गया। घर पहुंचे युवकों ने बताया कि ठेकेदार ने एक मराठी से एडवांस में सात लाख रुपया ले लिया था। इसी वजह से उन्हें बंधक बनाकर काम कराया जाता था। ठेकेदार उन्हें मजदूरी का पैसा भी नहीं दे रहा है। मंगलवार को कोतवाली में मुक्त हुए जवाहिर, हीरा, बैजनाथ, गुलाब चंद्र सहित 20 लोगों ने सदर कोतवाली में ठेकेदार के खिलाफ लिखित तहरीर दी है।
छात्र पवन की तलाश में अब पोस्टर का सहारा
पइंसा के जगन्नाथपुर स्थित घर से 28 नवंबर को हुआ था लापता
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। पइंसा के जगन्नाथपुर से लापता पवन की तलाश कर रहे परिवार के लोग अब पोस्टर का सहारा ले रहे हैं। जिले के सार्वजनिक स्थान पर पवन के लापता होने का पोस्टर चिपकाया जा रहा है।
जगन्नाथपुर गांव निवासी शारधा सोनकर का भतीजा पवन उदहिन के स्कूल में छठवीं का छात्र है। 28 नवंबर को स्कूल से घर पहुंचा। शारधा का कहना है कि पवन स्कूल से घर पहुंचा और बैग रखकर चला गया। इसके बाद से पवन का कोई सुराग नहीं लगा। घरवालों की सूचना पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर ली। घरवाले लगातार खोजबीन कर रहे हैं लेकिन पवन का पता नहीं चला। अब परिवार के लोग पवन का फोटो सहित पोस्टर बनवाकर सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा करा रहे हैं। शारधा का कहना है कि उसके भतीजे का अपहरण किया गया है। उसका तर्क है कि पवन अपने परिवार से अलग रह ही नहीं सकता। घरवाले उसके नहीं आने से परेशान हैं। थानाध्यक्ष विजय कुशवाहा का कहना है कि पुलिस गुमशुदगी दर्ज कर छानबीन कर रही है। अपहरण जैसी बात सामने नहीं आ रही है।