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बीसीजी का टीका लगने के बाद मासूम की मौत

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मूरतगंज (कौशाम्बी)। चरवा क्षेत्र के अमनीलोकीपुर गांव में गुरुवार सुबह बीसीजी का टीका लगने के बाद एक नवजात बच्ची की मौत हो गई। कोखराज पुलिस ने बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की बात कह रही है। सीएमओ का कहना है कि एहतियात के तौर पर पूरे जिले में टीकाकरण पर रोक लगा दी गई है।
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अमनी लोकीपुर निवासी भंवर सिंह ने बताया कि गुरुवार सुबह स्वास्थ्य कर्मचारियों ने गांव में कैंप लगाकर बच्चों को बीसीजी का टीका लगाया था। भंवर के मुताबिक, टीका लगते ही उसकी 15 दिन की बेटी रूबी की तबीयत अचानक खराब हो गई। परिवार वाले इलाज के लिए बच्ची को लेकर मूरतगंज पीएचसी पहुंचे। जहां चेकअप के बाद डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवारीजन टीका लगने के कारण मौत की बात कह रहे थे, इसलिए चिकित्सकों ने कोखराज कोतवाली पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने नवजात बच्ची का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले में चरवा इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार रॉय का कहना है कि उन्हें ऐसी किसी घटना की जानकारी उन्हें नहीं है। तहरीर मिली तो रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

छह बच्चों को लगाया गया टीका
मंझनपुर। एएनएम आशा रानी ने बताया कि बीसीजी का टीका लगने की वजह से मौत नहीं हुई है। मृतका की बड़ी बहन के साथ गांव की सिद्द्धी, श्रीयांश, रिषभ, परी व काव्या सहित सात बच्चों को टीका लगाया गया था। किसी को कुछ नहीं हुआ। टीका खराब होता तो इन बच्चों की भी तबीयत खराब होती।
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इनका कहना है
वैसे बीसीजी का टीका लगाने से मौत नहीं होती है। फिर भी एहतियात के तौर पर अभी बीसीजी टीकाकरण जिले में रोक दिया गया है। पीएम रिपोर्ट आने से पहले मौत के मामले में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
डॉ. पीएन चतुर्वेदी- मुख्य चिकित्साधिकारी

जन्म के बाद लगता है टीका
मंझनपुर। सदर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात चिकित्सक डॉ. अरुण केसरवानी ने बताया कि यह टीका बच्चे को जन्म के बाद अथवा साल भर के भीतर लगाया जाना चाहिए। यह बच्चे को टीबी और कुष्ठ रोग से बचाता है।
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