सऊदी अरब में धर्म गुरु समेत 47 लोगों को फांसी दिए जाने से आक्रोशित मुस्लिम समुदाय शुक्रवार को सड़क पर उतर आया। घटना को अमानवीय बताते हुए सड़क पर उतरे मुस्लिमों ने मंझनपुर में कर्बला से लेकर कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकालकर आतंकवाद की मुखालफत में नारेबाजी की। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा। इसमें संयुक्त राष्ट्र संघ में घटना का विरोध दर्ज कराने, पाठनकोट में हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान से सख्ती से निपटने जैसी मांगें की गई।
सऊदी अरब में शिया धर्मगुरु समेत 47 लोगों को फांसी दिए जाने, अरब और नाइजीरिया में अल्पसंख्यक समुदाय पर हो रहे अमानवीय अत्याचारों के खिलाफ शुक्रवार को कौशाम्बी में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सड़क पर उतरकर अपना विरोध जताया। मंझनपुर में जनपद के विभिन्न हिस्सों से जुटे हजारों मुस्लिमों ने हाथ में तख्ती, बैनर लेकर कर्बला से लेकर कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकाला। सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान रास्तेभर आंतकवाद के खिलाफ नारे लगाए। कलेक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति को संबोधित 8 सूत्रीय ज्ञापन अपर जिलाधिकारी को दिया।
इसमें सऊदी अरब में हुए अमानवीय कृृत्य पर वहां के राजदूत से जवाब तलब करने, सऊदी हुकूमत पर भविष्य में ऐसी घटना नहीं होने का कूटनीतिक दबाव बनाने, सऊदी अरब में अलकतीफ अलअवामिया के अल्पसंख्यक समुदाय को उनके अधिकार दिए जाने, हजरत मोहम्मद साहब के रौजे को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोले जाने, संयुक्त राष्ट्र संघ में सऊदी अरब की हुकूमत द्वारा किए जा रहे अमानवीय कृत्यों की निंदा किए जाने, पठानकोट में हुई आंतकी घटना के सिलसिले में पाकिस्तान से सख्ती से निपटने, आतंकवाद को समर्थन देने और आंतकियों के मददगारों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
इस मौके पर मौलाना सैयद जमीर हैदर, मौलाना जौव्वाद हैदर जौव्वादी, मौलाना मोहम्मद रजा, आगा सिप्तैन हैदर, सैयद मोहम्मद मेंहदी, नैयर रिजवी, हाजी अवैस हसन, उदयन सिंह, अतहर अब्बास, सबीह हैदर मीनू, जाहिद अब्बास, कासिम हुसैन, फुरकान रिजवी, मोहम्मद रजा, जाहिद हुसैन आदि मौजूद रहे।