नेवादा। उपद्रवी शराबियों के साथ कटरा गांव के दो अन्य व्यक्तियों की धरपकड़ पर बृहस्पतिवार की शाम सरायअकिल पुलिस के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। पुलिस की मनमानी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लोग सड़क पर उतर आए। इलाहाबाद-कौशाम्बी मार्ग जाम कर दिया। करीब घंटेभर बाद निर्दोष व्यक्तियों के छोड़े जाने पर ही ग्रामीण शांत हुए। एसओ ने बताया कि सिर्फ पूछताछ के लिए इन लोगों को बुलाया गया था।
सरायअकिल के कूरा गांव की रहने वाली इंद्राणी देवी की बेनीराम कटरा में चाय-नाश्ते की दुकान है। बताया जाता है कि बृहस्पतिवार की शाम करीब पांच बजे कटरा गांव के दो युवक शराब पीकर आए और उसकी दुकान पर उपद्रव करने लगे। महिला ने इसका विरोध किया, तो नशे में धुत युवक उससे भिड़ गए। महिला ने नशेड़ियों के दुकान में हंगामा करने की सूचना सरायअकिल पुलिस को दे दी।
सूचना पर आई पुलिस ने महिला से पूछताछ की। इसके बाद पुलिस नशेड़ियों की खोजबीन करने लगी। पुलिस को दोनों नशेड़ी युवक कटरा गांव के सूबेदार के घर के सामने मिल गए। आरोप है कि पुलिस ने दोनों नशेड़ियों के साथ ही सूबेदार और उसके बेटे को भी पकड़ा और सभी को लेकर थाने चली गई। बगैर किसी बात के सूबेदार और उसके बेटे को थाने ले जाने से गांव की महिलाएं और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।
पुलिस पर मनमानी का आरोप लगाते हुए लोग सड़क पर उतर आए। इलाहाबाद-कौशाम्बी मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान मौके पर आए सिपाही, दरोगाओं की ग्रामीणों से तीखी झड़प भी हुई। करीब घंटेभर तक पुलिस और ग्रामीणों के बीच तू-तू-मैं-मैं चलती रही। आखिर में पुलिस ने सूबेदार और उसके बेटे को छोड़ा, तभी जाकर गांववाले शांत हुए। एसओ विपिन त्रिवेदी ने बताया कि सिर्फ पूछताछ के लिए दोनों को थाने लाया गया था।