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गवाह की हत्या का प्रयास, सीओ से झड़प

Wed, 30 May 2018 01:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
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कौशाम्बी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
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मंझनपुर । सैनी क्षेत्र के सौरई गांव में मंगलवार सुबह दबंगों ने एक मुकदमे के गवाह को गोली मारने की कोशिश की। फायर मिस होने पर उसे लाठी-डंडों से पीटकर अधमरा कर दिया। घटना से गुस्साए परिजन मंझनपुर चौराहे पर एंबुलेंस रोककर हंगामा करने लगे। इनकी सीओ सिटी से तीखी झड़प भी हुई। बाद में पुलिस ने बल प्रयोग करके किसी तरह जाम हटवाया और घायल को अस्पताल में भर्ती करा दिया।
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महेवाघाट कोतवाली क्षेत्र के डकशरीरा निवासी कपिल मुनि त्रिपाठी की ससुराल सौरई बुजुर्ग में है। उन्होंने बताया कि उनके साले सुनील उर्फ भुल्लन का सौरई के ही राकेश कुमार से एक जमीन को लेकर मुकदमा चल रहा है। इस मुकदमे में वह गवाह हैं। कपिलमुनि के मुताबिक सोमवार को एसडीएम सिराथू की कोर्ट में वो गवाही देने गए थे। रात को ससुराल में रुक गए। सुबह घर लौटते वक्त सौरई प्राइमरी स्कूल के पास पहले से घात लगाकर बैठे विपक्षी राकेश, उसके बेटे नीरज व भतीजे रावेन्द्र ने गाली गलौच शुरू कर दी। राकेश ने तमंचा निकालकर गोली मारने का प्रयास किया। फायर मिस हो गया तो बेटे व भतीजे के साथ मिलकर उसने लाठी-डंडों से जमकर पिटाई की। इस दौरान चीख पुकार पर जुटे ग्रामीणों ने उसे बचाया। पुलिस ने केस दर्ज कर उसे सिराथू सीएचसी में भर्ती करा दिया। जहां से प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
रास्ते में मंझनपुर चौराहे पर परिजनों ने एंबुलेंस रोक ली और कार्रवाई किए जाने के बाद भी पुलिस पर डांटकर भगाने का आरोप लगाते हुए सैनी इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर करने की मांग करने लगे। जाम लगा रहे लोगों को हटवाने पहुंचे सीओ सिटी एसएन पाठक सहित अन्य दरोगा-सिपाहियों से जमकर कहासुनी हुई। मान-मनौव्वल की कोशिशें नाकाम होने पर करीब ढाई घंटे बाद पुलिस ने पीटकर उन्हें खदेड़ा। इसके बाद घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस हंगामा करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट लिखने की बात कह रही है।
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पुलिस ने एंबुलेंस अस्पताल भेजने की कोशिश की तो घायल का बेटा धनंजय परिजनों के साथ उसके पहिये के नीचे लेट गया। उसने चालक को एंबुलेंस फूंक देने की धमकी भी दी। इसे लेकर चालक सहम गया। सीओ के कहने पर भी वह एंबुलेंस आगे बढ़ाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। बाद में पुलिस ने हंगामा करने वालों की पिटाई शुरू की तो अफरातफरी के बीच चालक एंबुलेंस लेकर अस्पताल के लिए निकल गया।  हंगामे की आशंका में नगर कोतवाल पवन त्रिवेदी ने तत्काल जिला अस्पताल की सुरक्षा बढ़ा दी। दो दरोगा पांच सिपाही के अलावा वहां क्यूआरटी को भी तैनात कर दिया गया। कोतवाल खुद एसपी कार्यालय में डटे रहे। हंगामा करने वाले एसपी कार्यालय तक आए। पर, एसपी के नहीं होने की वजह से बैरंग लौट गए। अस्पताल में वह घायल को भर्ती नहीं कर रहे थे। बाद में डॉक्टरों के आश्वासन पर भर्ती कराया। वहीं इंस्पेेक्टर सैनी का कहना है िककि घायल की पिटाई भर की गई थी। गोली मारने का प्रयास करने की बात गलत है। आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर पीड़ित को मेडिकल के लिए सिराथू सीएचसी में भर्ती कराया गया था। जहां से डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। मंझनपुर में क्या हुआ, इसकी जानकारी नहीं है।
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राकेश तिवारी-इंस्पेक्टर, सैनी
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