कौशाम्बी विकास खंड के बिदांव स्थित कोटे की दुकान को लेकर मंगलवार को सदर तहसील में जमकर बवाल हुआ। कोटेदार और विपक्षी खेमा आमने-सामने हुआ तो मारपीट हो गई। तहसील में मौजूद पुलिस कर्मियों ने हस्ताक्षेप कर मामला शांत कराया। दोनों पक्ष एक-दूसरे को देख लेने की धमकी देते हुए वापस लौट गए। मामले में डीएम ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
बिदांव गांव की कोटेदार मंजूषा देवी, ग्राम प्रधान सुरेश कुमार, भाजपा नेता सतीष मिश्र व सर्मथकों के साथ सदर तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में शिकायत करने आई थी। कोटेदार का कहना था कि गांव के कुछ लोग उसके महिला होने के नाते अवैध धन की मांग करते हैं। पैसा नहीं मिलने पर झूठी शिकायते करवा कर परेशान किया जाता है। पिछले दिनों पांच बार जांच कराई जा चुकी है। कोटेदार अपना प्रार्थना पत्र देकर बाहर लौटी तभी कोटेदार का विपक्षी खेमा अमर सिंह की अगुवाई में पहुंच गया। उन लोगों का कहना था कि कोटेदार की अनियमित्ता मिलने पर शासन के पक्ष में एक हजार रुपये प्रतिभूति से काटा गया। इसके बाद राशन व केरोसिन बेंच लिया गया। जिलापूर्ति अधिकारी के सामने कोटेदार ने जिन लोगों का हलफनामा दिया वह जांच में गलत निकला। उनके साथ दर्जनों लोग आए थे। अपनी शिकायत दर्ज कराकर वह लोग बाहर निकले तो कोटेदार के समर्थकों का सामना हो गया। मारपीट हो गई। पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे। डीएम ने एआर कोआपरेटिव, जिला समाज कल्याण अधिकारी तथा सीवीओ की संयुक्त टीम गठित कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।