महेवाघाट में जेसीबी और पोकलैंड से बालू का खनन किया जा रहा है। इतना ही नहीं वाहनों में ओवरलोडिंग की जा रही है। इसकी शिकायत पर शुक्रवार रात डीएम ने एसडीएम और खनन निरीक्षक को छापा मारने का निर्देश दिया। अफसरों की टीम ने मौके से पकड़े गए पांच ओवरलोड ट्रैक्टरों की हवा निकालकर छोड़ दिया।
तमाम प्रशासनिक कवायद के बावजूद जिले में अवैध खनन नहीं थम रहा है। इसका उदाहरण महेवाघाट में देखने को मिल रहा है। बताया जाता है कि नियमानुसार सुबह 6 से शाम छह बजे तक श्रमिकों के जरिए बालू का खनन व लोडिंग कराने का प्राविधान है। पर, शुक्रवार की शाम चार जेसीबी व तीन पोकलैंड से बालू का खनन किया जा रहा था। मशीनों से अवैध खनन का यह सिलसिला पूरी रात चला। सूत्रों की मानें तो खनन विभाग और इलाकाई पुलिस की मिलीभगत से ऐसा हर रोज किया जाता है। बालू की ओवरलोडिंग भी की जाती है। मामले की शिकायत मिलने के बाद डीएम मनीष कुमार वर्मा ने एसडीएम सदर और खनन निरीक्षक को निरीक्षण का निर्देश दिया। रात तकरीबन दस बजे निरीक्षण करने पहुंची अफसरों की टीम ने घाट से पहले ही पांच ओवरलोट ट्रैक्टर को पकड़ा,लेकिन महज हवा निकालने के बाद सभी को छोड़ दिया। जांच के नाम पर महज औपचारिकता कर टीम बैरंग लौट आई।वहीं एसडीएम सदर विवेक चतुर्वेदी का कहना है कि डीएम के निर्देश पर खनन निरीक्षक के साथ मौके पर गया था। रात में घाट पर पोकलैंड नहीं मिली। एक जेसीबी थी। अवैध खनन व ओवरलोडिंग नहीं करने के लिए हिदायत दी गई है। घाट के पास खड़े ओवरलोड ट्रैक्टरों की हवा निकलवाने के साथ ही अतिरिक्त बालू बाहर करा दिया गया था।