खूझा गांव की किरण देवी की गुरुवार शाम मौत हो गई। इससे नाराज विवाहिता के मायके नसीरपुर से आई तमाम महिलाओं ने घर में जमकर हंगामा किया। घर में तोड़फोड़ करने के साथ ही परिजनों से मारपीट का प्रयास किया। पइंसा पुलिस के पहुंचने पर मामला शांत हुआ।
नसीरपुर गांव की किरण देवी (20) की शादी करीब दो साल पहले खूझा गांव के रोहित के साथ हुई थी। रोहित मुंबई के एक कारखाने में काम करता था। हाल ही में वह घर आया था। किरण ने दो माह पहले बेटी लक्ष्मी को जन्म दिया था। गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे किरण की हालत बिगड़ गई। उसके पेट में दर्द हो रहा था। रोहित व उसके परिजनों ने उसे सिराथू के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर किरण को चिकित्सक ने इलाहाबाद रेफर कर दिया। रोहित उसे लेकर इलाहाबाद जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। शव लेकर घर आए रोहित ने इसकी जानकारी अपने साले रामू को दी। सुबह रामू गांव की तमाम महिलाओं के साथ खूझा पहुंचा। बातचीत करने के बाद उसने किरण की मौत पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया। इससे रामू के साथ आई महिलाएं उग्र हो गईं। घर के भीतर उन्होंने तोड़फोड़ शुरू कर दी।
आलमारी, बक्सा आदि को क्षतिग्रस्त कर दिया। परिजनों ने रोकने का प्रयास किया तो उनसे मारपीट की कोशिश की गई। इसी बीच सूचना पर पइंसा एसओ अनिल सिंह पहुंचे। किसी तरह उन्होंने गुस्साए लोगों को शांत कराया। रामू से तहरीर लेकर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसओ अनिल सिंह का कहना है कि प्रथम दृष्टया किरण की मौत बीमारी से होना प्रतीत हो रही है। भाई की आशंका पर पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।