सिराथू। चौरी-चौरा एक्सप्रेस से सिराथू आ रहे किराना व्यापारी आशीष तिवारी को जहरखुरानों ने लूट लिया था। बेहोशी की हालत में कानपुर राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने उसे अनवरगंज रेलवे स्टेशन पर उतारा। प्राथमिक इलाज के बाद होश आने पर व्यापारी ने घर का पता बताया। जीआरपी की सूचना पर अनवरगंज पहुंचे परिजन देर रात कारोबारी को लेकर घर लौटे आए हैं।
सिराथू कस्बे के धाता रोड निवासी आशीष तिवारी किराना कारोबारी हैं। आशीष के पिता रेलवे में नौकरी करते थे। इनकी पोस्टिंग गुवाहाटी में थी। नौकरी के दौरान उनकी मौत हो गई। नौकरी और अन्य सरकारी काम को लेकर पांच दिन पहले आशीष गुवाहाटी गया था। शनिवार सुबह इलाहाबाद आने पर उसने अपनी पत्नी रुचि तिवारी को चोरी-चौरा एक्सप्रेस से घर लौटने की जानकारी दी। चोरी-चौरा सिराथू से कानपुर की तरफ बढ़ गई, लेकिन आशीष घर नहीं पहुंचा। इससे परेशान पत्नी ने उसके मोबाइल पर फोन किया तो किसी अनजान व्यक्ति ने कॉल रिसीव किया।
फोन उठाने वाले ने आशीष का अपहरण कर लिए जाने की बात कहते हुए पत्नी से आशीष के एटीएम कार्ड का कोड पूछा। शक होने पर पत्नी ने कोड नहीं बताया और सैनी कोतवाली में तहरीर दी। पुलिस ने मामला जीआरपी का बताते हुए रुचि को इलाहाबाद भेज दिया। शाम साढ़े सात बजे कानपुर जीआरपी ने सिराथू जीआरपी चौकी प्रभारी हरिसिंह को फोन कर बताया कि आशीष ट्रेन में उन्हें बेहोश मिला है। जीआरपी की सूचना के बाद रात को ही परिजन कानपुर रवाना हो गए। देर रात वह आशीष को लेकर घर आ गए हैं। पत्नी ने बताया आशीष सोने की चेन पहने था। जहरखुरान मोबाइल, चेन व उसका पर्स लूट ले गए हैं। पर्स में एटीएम कार्ड भी था। फिलहाल आशीष को सकुशल पाकर परिजनों ने राहत महसूस की।