मंझनपुर। इलाहाबाद और कौशाम्बी पुलिस के लिए सिरदर्द बने कुख्यात बदमाश गदऊ पासी ने दोआबा की तराई में डेरा डाल दिया है। उसे क्षेत्र के टॉप-10 हिस्ट्रीशीटरों ने पनाह दे रखी है। इसकी भनक लगते ही एसटीएफ चौकन्ना हो गई है। टीम पूरामुफ्ती व कोखराज इलाके की खाक छान रही है। एसपी ने जिले की पुलिस को भी अलर्ट कर दिया है।
इलाहाबाद के मुंडेरा निवासी गदऊ पासी का आपराधिक इतिहास खून से सना हुआ है। उसके खिलाफ कौशाम्बी व इलाहाबाद के विभिन्न थानों में दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, लूट, डकैती, बलात्कार व ‘रोड होल्डप’ जैसे कई संगीन मामले शामिल हैं। वर्ष 2013 में गदऊ ने मुंडेरा में दिनदहाड़े चप्पल कारोबारी की हत्या कर दी थी। इसी दौरान जरायम की दुनिया में उसका नाम सुर्खियों में आया। इलाहाबाद पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। पुलिस को जानकारी मिली है कि पूरामुफ्ती व कोखराज इलाका स्थित गंगा की तराई में इन दिनों गदऊ डेरा डाले हुए है। क्षेत्र के टॉप-10 हिस्ट्रीशीटरों ने उसे पनाह दे रखी है।
ग्रामीणों के मुताबिक गदऊ अत्याधुनिक असलहों से लैस है। गिरफ्तारी के लिए पुलिस घेराबंदी करती है तो वह नाव से उस पार भाग जाता है। रविवार रात इलाहाबाद एसटीएफ और कोखराज पुलिस ने संयुक्त रूप से बदनपुर घाट की तराई में छापेमारी कर गदऊ को घेरने की कोशिश की थी। नौबत मुठभेड़ की आ गई। ऐसे में पुलिस ने जान बचाकर भागना बेहतर समझा। गंगा की तराई में बसे सिहोरी, पट्टी नरवर, उजिहिनी, फतेहपुर घाट आदि गांवों के लोग गदऊ की आमद से दहशत में हैं। ग्रामीण, गदऊ के यहां पनाह लेने को किसी बड़ी वारदात की आशंका से जोड़कर देख रहे हैं। उनके मुताबिक उसे रात को अक्सर अपने साथियों के साथ इमामगंज चौराहे पर शराब पीते हुए देखा जाता है। स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी है, पर ऐसा लगता है कि पुलिस मुठभेड़ से बचना चाहती है। वहीं एसपी का कहना है कि गदऊ के तराई इलाके में शरण लेने की जानकारी मिली है। एसटीएफ अपने स्तर से गिरफ्तारी की कोशिश कर रही है। जिले की एसओजी और थानों की पुलिस को भी सक्रिय कर दिया गया है। उसे पकड़ने का हर संभव प्रयास जारी है। पनाह देने वालों को चिन्हित कराया जा रहा है।