covid-19 once again move forward in city, 20 people tested positive within 24 hours
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मंझनपुर। त्योहारी सीजन में बरती गई लापरवाही के कारण जिस बात की आशंका जाहिर की जा रही थी। वैसा ही कुछ सामने आने लगा है। जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। बीते 24 घंटे के भीतर दोआबा के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले 20 लोग पॉजिटिव निकले। स्वास्थ्य विभाग की टीमें सभी के इलाज की व्यवस्था कराने के साथ ही इनके संपर्क में आए लोगों को चिह्नित करने में जुट गई हैं।
सर्विलांस अधिकारी डॉ. यश अग्रवाल ने बताया कि त्योहारी सीजन में लोगों ने कोविड नियमों का पालन करने में लापरवाही बरती। नतीजतन जिले में संक्रमण ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। हालांकि संक्रमण की रोकथम के लिए रोजाना की तरह बृहस्पतिवार को भी जिले भर में शिविर लगाकर 1422 संदिग्धों की जांच कराई गई। इनमें से 902 का एंटीजन टेस्ट हुआ। जबकि 520 संदिग्धों का स्वॉब सैंपल लेकर आरटीपीसीआर जांच के लिए प्रयागराज भेज दिया गया। विभिन्न माध्यमों से आई जांच रिपोर्ट में बुधवार की रात 13 व गुरुवार की शाम सात समेत कुल 20 लोग पॉजिटिव निकले हैं। इसी के साथ ही जिले में संक्रमितों की संख्या 2101 हो गई है। हालांकि इनमें से 1976 मरीज ठी हो चुके हैं। जबकि 27 मरीजों की मौत हो चुकी है। फिलहाल 98 मरीजों का इलाज चल रहा है।
कोविड को लेकर जिला अस्पताल के डॉक्टरों, कर्मियों में दहशत: कोरोना के साथ ही परिसर में संचालित हो रहे तीन अस्पताल
मंझनपुर। जिला अस्पताल के चिकित्सक व स्टॉफ कोरोना को लेकर दहशत में हैं। एक ही परिसर में संचालित तीन अस्पताल के लिए अब मास्क व ग्लब्स का संकट खड़ा हो गया है। इस वजह स्टॉफ काम करने में खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। बृहस्पतिवार को इस बाबत सीएमएस डॉ. दीपक सेठ ने जरूरी संसाधन मुहैया कराने के लिए सीएमओ को पत्र लिखा है।
संयुक्त जिला चिकित्सालय परिसर में ही कोविड एल-टू अस्पताल संचालित किया जा रहा है। इसके अलावा प्रसव के लिए एमसीएच विंग का संचालन किया जा रहा है। अस्पताल में इमरजेंसी सेवाओं के अलावा जनरल सर्जरी व ओपीडी भी की जाती है। यहां रोजाना करीब 15 सौ के आसपास मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। अब हालात यह है कि अस्पताल प्रशासन के पास चिकित्सक व स्टॉफ को देने के लिए ग्लब्स और मास्क की व्यवस्था नहीं रह गई है। ऐसे में अस्पताल कर्मी खुद को असुरक्षित मान रहे हैं।
पिछले दिनों एक-एक कर सीएमएस डॉ. दीपक सेठ समेत स्वास्थ्य कर्मी संक्रमित भी हो चुके हैं। नतीजतन संसाधन के अभाव में स्टाफ मरीजों का इलाज करने में हाथ खड़ा कर रहा है। इस बाबत सीएमएस का कहना है कि पड़ोसी जनपद प्रयागराज में जिस अस्पताल को एल-टू का दर्जा दिया गया है वहां पर जनरल ओपीडी बंद कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एक ही परिसर में संचालित तीन अस्पताल के लिए अलग से कोई बजट नहीं दिया गया है। स्टॉफ मरीजों का इलाज करने में खुद को असुरक्षित मान रहा है। इसे लेकर सीएमओ को पत्र लिखकर संसाधन उपलब्ध कराने की मांग किया गया है।