मंझनपुर। चार साल पहले सिराथू रेलवे क्रासिंग के समीप ट्रेन कटकर जान देने वाली शीला देवी के पति को अदालत ने जान देने के लिए विवश करने का दोषी माना है। अपर जिला जज प्रमोद कुमार चतुर्थ की कोर्ट ने आरोपी पति भोला को छह साल की सजा और दस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
अभियोजन के मुताबिक सैनी कोतवाली के वादी मुकदमा मृतका के पिता प्रभू ने बताया कि उसकी बेटी शीला की शादी 10 साल पहले पइंसा कोतवाली के रमसहाईपुर निवासी भोला के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही भोला व उसके घरवाले दहेज में भैंस व 50 हजार रुपये की मांग करके शीला को मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते थे। 16 सितंबर 2015 को शीला की लाश सिराथू रेलवे लाइन में मिली। इस मामले में पति भोला व उसके परिवार के लोगों के खिलाफ पइंसा कोतवाली में दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने विवेचना दौरान पति को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी पाते हुए चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की। अभियोजन की तरफ से शासकीय अधिवक्ता प्रदीप कुमार मौर्य ने पैरवी की। कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद आरोपी पति को छह साल की सजा व 10 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। कोर्ट ने सजा भुगतने के लिए आरोपी पति को जेल भेज दिया।