अझुआ (कौशाम्बी)। सैनी कोतवाली क्षेत्र के लोधन का पुरवा गांव निवासी एक दंपती ने मंगलवार रात प्रेम विवाह के करीब 15 महीना बाद जहर खा लिया। इससे उनकी मौत हो गई। आत्मघाती कदम उठाने की वजह साफ नहीं हो सकी है। घटना से पीड़ित परिवारों में कोहराम मच गया है। किसी भी पक्ष ने पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी है।
लोधन का पुरवा (धुमाई) निवासी संजय सिंह उर्फ पिंटू (25) पुत्र सुरेश कुमार मजदूरी करके परिवार का खर्च चलाता था। बताया जाता है कि 28 जून 2019 को गांव की ही अनीसा (19) पुत्री जयसिंह से उसने भागकर प्रेम विवाह कर लिया था। इसके बाद पत्नी को लेकर मुंबई चला गया। कोविड-19 के चलते लॉकडाउन हुआ तो अप्रैल में गांव लौट आया। यहां पत्नी सहित परिवार के साथ हंसी-खुशी रहता था।
मंगलवार रात जहर खाने से अनीसा की तबीयत बिगड़ गई। इसपर पति संजय अपने भाई के साथ बाइक से लेकर उसे खागा अस्पताल गया। जहां हालात नाजुक देख डॉक्टर ने उसे फतेहपुर रेफर कर दिया। वहां ले जाते समय रास्ते में अनीसा की सांसें थम गईं। फिर घर आकर संजय ने भी जहर निगल लिया। जिला अस्पताल ले जाते वक्त उसने भी दम तोड़ दिया। परिवार वालों का कहना है कि दोनों ने किस वजह से मौत को गले लगाया ? यह उन्हें नहीं मालूम। हालांकि आपसी विवाद की संभावना सभी जता रहे हैं। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना के बाद से परिवार वालों की रो-रोकर हालत खराब है।
दहेज उत्पीड़न का आरोप, तहरीर नहीं
अजुहा। मृतका अनीसा के पिता जयसिंह का कहना है कि दहेज की मांग को लेकर ससुराली अनीसा को प्रताड़ित करते थे। मंगलवार शाम भी पिटाई की गई थी। इसी के बाद अनीसा की हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। संजय की मौत होने तक उसके परिवार ने चुप्पी साधे रखी। किसी को भी अनीसा की सांसें थमने की खबर नहीं होने दी। देर रात पुलिस को खबर की। तब पड़ोसियों व अनीसा के घर वालों को घटना की जानकारी हुई।
अदालत में संजय को साबित किया था बेगुनाह
अझुआ। घर से भागने के बाद अनीसा के पिता ने संजय के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कराया था। पुलिस ने दोनों को बरामद करने के बाद अनीसा का अदालत में कलमबंद बयान कराया तो उसने प्रेमी संजय को बेगुनाह साबित किया। जज को बताया कि संजय के साथ वह अपनी मर्जी से गई थी और उसी के साथ रहेगी। दोनों बालिग थे इसलिए कोर्ट ने साथ जीवन बिताने की इजाजत दे दी। मंगलवार रात इस प्रेम कहानी का दुखद अंत हो गया।
दंपती ने जहर खाकर जान दी है। आत्मघाती कदम उठाने की वजह साफ नहीं है। किसी भी पक्ष ने कोई तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिली तो रिपोर्ट लिखकर कार्रवाई की जाएगी। हो सकता है आपसी विवाद के बाद मौत का रास्ता चुना हो। -प्रदीप कुमार सिंह-सैनी कोतवाल