नगर क्षेत्र में विकास कार्यों की सुस्ती से नाराज होकर कुछ सभासदों ने बृहस्पतिवार को नगर पालिका परिषद मंझनपुर कार्यालय में अधिशासी अधिकारी का घेराव किया। इस दौरान जमकर नारेबाजी भी हुई। ईओ ने सबकी बात सुनी और नियमानुसार टेंडर के बाद विकास कार्य कराने का भरोसा दिया। हालांकि, बाद में सभासदों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम के प्रतिनिधि को मांगों का ज्ञापन भी दिया।
नगर पालिका परिषद मंझनपुर के सभासद अंशुल केसरवानी, खुशनसीब अहमद, सुदामा समेत अन्य तमाम सभासद सुबह पालिका कार्यालय में एकजुट हुए। यहां पर प्रदर्शन कर अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। उस वक्त ईओ प्रतिभा सिंह दफ्तर में नहीं थीं। जब ईओ पहुंची तो सभासदों ने उन्हें घेर लिया।
सभासदों ने आरोप लगाया कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में मनमानी हो रही है। लोगों को महीनों दौड़ाया जाता है। लगातार सूचना देने के बाद भी खराब हैंडपंप दुरुस्त नहीं कराए जा रहे हैं। तीन महीने से नगर में विकास कार्य पूरी तरह से ठप है। मोहल्लों में लोग जलभराव और आवागमन की समस्या से जूझ रहे हैं। स्ट्रीट लाइटें तक नहीं लगवाई जा रहीं हैं। जो कार्य कराए भी जा रहे हैं, उनकी गुणवत्ता ठीक नहीं है। लगातार शिकायतें होती रहीं हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जाती।
सभासदों के साथ जलभराव की समस्या लेकर आईं ओसा की रामादेवी और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए दौड़ रहे ऊधोश्याम नगर के पंकज ने भी ईओ को अपनी व्यथा सुनाई। सबकी बात सुनने के बाद ईओ ने कहा कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के सिर्फ वे आवेदन लंबित हैं, जिनमें कोई न कोई कमी है। अन्यथा, सारे आवेदनों पर प्रमाण पत्र जारी हो चुके हैं।
रीबोर वाले हैंडपंपों की सूची बनाकर जल निगम को भेजी जाएगी। जलभराव की समस्या की निकासी के लिए वार्डों में नाली व नालों के निर्माण के कार्य प्रस्तावित हैं। इनके टेंडर लगे हुए हैं। इनमें कुछ कमियां हैं, उनके दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। इनके दूर होते ही टेंडर कराकर कार्य शुरू कराए जाएंगे। विरोध करने वालों में हरिश्चंद्र पाल, निरंजनलाल, लवलेश, रंजना देवी, रामयश समेत अन्य लोग शामिल रहे।