जिले में राशन कार्डधारकों की ई-केवाईसी का काम रफ्तार नहीं पकड़ रहा है। नेटवर्क की वजह से सर्वर दगा दे रहा है। हाल यह है कि अभी तक सिर्फ 1,56,077 यूनिट की ही ई-केवाईसी हो सकी है, जो निर्धारित लक्ष्य का मात्र 12.54 प्रतिशत है। काम अटकने से राशनकार्ड धारक ही नहीं, कोटेदार भी परेशान हैं। 30 जून तक शत-प्रतिशत ई-केवाईसी किए जाने के निर्देश हैं। ऐसे में तीन दिन के भीतर शतप्रतिशत ई-केवाईसी संभव नहीं हो सकेगी।
जिले में राशन कार्डधारकों की संख्या 2,96,313 है। इसमें पात्र गृहस्थी 2,60,738 व अंत्योदय कार्डधारकों की संख्या 35,775 है। इन कार्डों पर 12,44,987 यूनिट दर्ज हैं। इन्हें जिले भर में संचालित 587 कोटे की दुकानों से राशन मुहैया कराया जाता है। अक्सर राशन वितरण में धांधली की शिकायतें मिलती रहती हैं। इसे देखते हुए खाद्यान्न वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए शासन ने राशनकार्ड में दर्ज सभी यूनिट की 30 जून तक शत-प्रतिशत ई-केवाईसी करने के निर्देश दिए हैं।
नेटवर्क की खराबी ई-केवाईसी में बाधक बन रही है। ई-वेईंग मशीन का सर्वर बेहतर ढंग से काम नहीं करने के कारण ई-केवाईसी का कार्य बेहद सुस्त है। निर्धारित सीमा पूरी होने में मात्र तीन दिन ही बाकी हैं, लेकिन अभी तक सिर्फ 12.54 फीसदी की ही ई-केवाईसी हो सकी है।
जिला पूर्ति कार्यालय के अनुसार सात जून से प्रारंभ हुई प्रक्रिया में अब तक 1,56,077 यूनिट की ई-केवाईसी की जा चुकी है। ऐसे में निर्धारित समय सीमा में शत-प्रतिशत ई-केवाईसी होने में संशय है।
प्रदेश में 8 वां और मंडल में पहला स्थान
जिले में करीब 12.45 लाख यूनिट की ई-केवाईसी होनी है। इसकी तुलना में अब तक 12.54 प्रतिशत ही ई-केवाईसी हो सकी है। ऐसे में ई-केवाईसी के मामले में जिले का प्रदेश में 8 वां स्थान है। हालांकि, मंडल में जिले का पहला स्थान है। वहीं, 14.93 फीसदी के साथ चंदौली सूबे में अव्वल है।
नेटवर्क राशन वितरण में भी बाधक
बंबुरा के कोटेदार दीपक गुप्ता,फैजीपुर के राम मिलन, चक के फूल सिंह ने बताया कि पहले दिन से ही नेटवर्क समस्या बनी है। इसके अलावा खाद्यान्न वितरण के दौरान ई-केवाईसी बंद कर दी गई थी। अब एक बार फिर से यह कार्य शुरू किया गया है। नेटवर्क का जो हाल है, उसे देखते हुए 30 जून तक शत-प्रतिशत ई-केवाईसी हो पाना संभव नहीं है। यही नहीं राशन वितरण में भी नेटवर्क के साथ सर्वर का दगा देना बाधक बनता है।
ई-केवाईसी में नेटवर्क की समस्या सामने आ रही है। फिर भी कोटेदारों को निर्देशित किया गया है कि जल्द से जल्द सभी यूनिट की ई-केवाईसी कर लें।
- अमित तिवारी, जिला पूर्ति अधिकारी