कोरआखिरकार स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता और लोगों की जागरूकता रंग लाई। प्रदेश में ताजनगरी आगरा से एंट्री मारने वाली वैश्विक महामारी की रविवार को तथागत बुद्ध की तपस्थली से विदाई हो गई। जनपद में एक कोरोना का एक्टिव केस नहीं है। कौशाम्बी जिला प्रदेश का पहला ऐसा जनपद होगा, जो सबसे पहले कोरोना मुक्त हो गया। इस कामयाबी से स्वास्थ्य महकमा गदगद है।
देश-दुनिया में हाहाकार मचाने वाली महामारी कोरोना की जिले में पांच अप्रैल को एंट्री हुई थी। इस दिन सिराथू इलाके में लुधियाना से घर लौटे प्रवासी में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। इसके एक दिन बाद ही इसी गांव के दूसरे प्रवासी में भी संक्रमण की तस्दीक होने से जिले में हड़कंप मच गया था। इसके बाद संक्रमण ने धीरे-धीरे रफ्तार बढ़ा दी।
अगस्त और सितंबर के महीने में तो महामारी ने जमकर तांडव मचाया। इस दौरान हर हफ्ते 100 से ऊपर संक्रमित मिलने लगे। 23 वें हफ्ते में सर्वाधिक 183 संक्रमित मिले थे। हालांकि वक्त गुजरने के साथ ही संक्रमण की रफ्तार सुस्त पड़ने लगी।
नए साल में तो चार-छह दिन में एक-दो केस मिल रहे थे। सर्विलांस अधिकारी डॉ. यश अग्रवाल ने बताया कि रोजाना की तरह रविवार को भी जिले भर में डेढ़ हजार से ज्यादा संदिग्धों की जांच कराई गई। लेकिन एक भी संक्रमित नहीं मिला। इस बीच पहले से संक्रमित एक मरीज भी ठीक हो गया। सर्विलांस अधिकारी ने बताया कि जिले अब तक मिले 2268 संक्रमितों में 2238 मरीज ठीक हो चुके हैं। जबकि, 27 मरीजों की मौत हो चुकी है।
बिना रुके, बिना थके काम करती रही स्वास्थ्य टीम
मंझनपुर। महामारी से निबटने के लिए स्वास्थ्य महकमे ने नौ महीने से ज्यादा वक्त बिना रुके, थके लगातार काम किया। इस दौरान प्रमुख त्योहार होली, दीपावली, दशहरा, ईद-बकरीद भी पड़े, लेकिन बिना किसी अवकाश के नियमित तौर पर महकमे के डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टॉफ एवं सर्विलांस टीम ने शिविर लगाकर संदिग्धों की जांच, मरीजों का इलाज और संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों को चिह्नित करने का काम किया।
संक्रमित होने के बावजूद टीम की हौसलाफजाई करते रहे सीएमओ और सीएमएस
सितंबर में संक्रमण ने रफ्तार पकड़ी तो टीम लीडर सीएमओ डॉ. पीएन चतुर्वेदी भी संक्रमण की जद में आ गए। इलाज के लिए उन्हें संयुक्त जिला चिकित्सालय के एल-थ्री वार्ड में भर्ती होना पड़ा। लेकिन खुद की परवाह किए बगैर कोरोना योद्धा की तरह सीएमओ ने सहकर्मियों का मनोबल नहीं गिरने दिया और बराबर मॉनीटरिंग में जुटे रहे। ऐसा ही कुछ सीएमएस डॉ. दीपक सेठ के साथ हुआ। पॉजिटिव आने के बाद सीएमएस के परिजन घबरा गए थे। लेकिन उन्होंने खुद हिम्मत नहीं हारी।
पैर फ्रैक्चर होने पर घर में रहकर काम करते रहे सर्विलांस अफसर
जिले में जब संक्रमण पीकपर था तब ड्यूटी के दौरान सर्विलांस अफसर डॉ. यश अग्रवाल चोटिल हो गए। पैर फ्रैक्चर होने के कारण वह फील्ड में ड्यूटी करने नहीं आ पा रहे थे। लेकिन घर में पड़े-पड़े ही पूरा काम निबटाते रहे। रात-दिन मोबाइल पर सक्रिय रहकर टीम को जहां जरूरत होती थी, वहा फौरन भेजते थे। इसके अलावा पूरा अपडेट लेकर ऑनलाइन करते थे। फील्ड से बाहर रहकर भी सर्विलांस अफसर ने साथियों को अपनी कमी नही महसूस होने दी।
कुल संक्रमित-2266
स्वस्थ हुए-2238
संक्रमण से हुई मौत-27
अस्पताल में भर्ती रहे-964
होम आइसोलेट रहे-1274
अब तक हुई कोविड जांच-2,62,414
आंकड़ों पर एक नजर-
कौशाम्बी जनपद यूपी देश
डेथ रेट 1.19 प्रतिशत 1.44 प्रतिशत 1.44 प्रतिशत
पाजिटिवटी 00.86 प्रतिशत 2.19 प्रतिशत 5.56 प्रतिशत
रिकवरी रेट 98.76प्रतिशत 97.34 प्रतिशत 96.82 प्रतिशत
प्रति लाख टेस्टिंग 13429 11510 13819
कोरोना काल में स्वास्थ्य महकमे के साथ ही पूरी प्रशासनिक टीम ने पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी से अपना-अपना काम किया। जनपदवासियों ने भी संक्रमण से बचाव के लिए जागरूकता दिखाई। नतीजतन जनपद में अब एक भी कोरोना संक्रमित नहीं बचा है।
अमित कुमार सिंह-डीएम