जिले की तीन विधानसभा सीटों पर मतदान शुरू होते ही कंट्रोल रूम एकदम सतर्क व चौकन्ना हो गया था। मतदान के साथ ही शिकायतों का सिलसिला भी शुरू हो चुका था। ईवीएम में खराबी की ढेरों शिकायतें आईं, जिसका कंट्रोल रूम ने अधिकारियों को भेजकर समाधान कराया। करीब एक बजे तक यह समस्या बनी रही। एक बजे के बाद स्थिति सुधरी तो अधिकारियों ने राहत की सांस ली। जहां से भी सूचना आती, वहां सेक्टर मजिस्ट्रेट के अलावा अन्य टीमों को कंट्रोल रूम तुरंत रवाना कर देता था। कंट्रोल रूम की दहाड़ पर अफसर दौड़ते-भागते ही रहे। शिकायतों का दौर दोपहर बाद थमा तो अधिकारियों ने राहत की सांस ली। इसके बाद जिले भर में शांतिपूर्वक मतदान हुआ।
जिले की तीन विधानसभा सीटों पर बृहस्पतिवार को सुबह सात बजे से वोटिंग शुरू हुई। मतदाताओं में मतदान के लिए सुबह से ही उत्साह देखने को मिला। सात बजते-बजते बूथों पर मतदाताओं की लंबी लाइन लग चुकी थी, जबकि कुछ बूथों पर मतदान आठ बजे तक शुरू नहीं हो सका तो कई बूथों पर मतदाता मतदान पर्ची न मिलने से नाराज होकर शिकायत करते रहे। जिले भर से मिल रही शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए कंट्रोल रूम दहाड़ता रहा। कंट्रोल रूम से जानकारी होते ही संबंधित सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने-अपने बूथों की ईवीएम मशीन के अलावा अन्य समस्याओं को दूर करने के लिए पहुंचते रहे।
चायल में सबसे ज्यादा गड़बड़ रही ईवीएम
बृहस्पतिवार को ईवीएम में खराबी के चलते जिले के दो दर्जन बूथों पर समय से मतदान नहीं शुरू हो सका। इनमें सबसे अधिक समस्या विधान सभा चायल में देखने को मिली। यहां के बूथ नंबर 203, 204, 205, 306, 341, 343 व 298 शामिल हैं। चायल के ही बूथ नंबर 106 बल्हियांवां की ईवीएम 11 बजे तक ठीक नहीं कराई जा सकी तो बूथ नंबर 23 कशिया पूरब में भी मशीन की खराबी के चलते देर तक मतदान नहीं हो सका। इससे बूथ के मतदाताओं में नाराजगी दिखी और मतदान देर से शुरू हो सका। इसी विधान सभा क्षेत्र औधन बूथ संख्या 163 में एक बजे तक मतदान ईवीएम खराबी के चलते रुका रहा। एक बजे के बाद बूथ पर वोटिंग मशीन बदले जाने के बाद शुरू हो सकी।
पीठासीन पर लगा पक्ष लेने का आरोप
सदर विधानसभा के बूथ संख्या 245 के पीठासीन अधिकारी के खिलाफ एक मतदाता ने कंट्रोल रूम में शिकायत की। आरोप लगाया कि पीठासीन अधिकारी द्वारा बूथ के अंदर जाने वाले मतदाताओं को एक प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। शिकायत मिलने पर कंट्रोल रूम द्वारा सेक्टर मजिस्ट्रेट राहुल कुमार सिंह को मौके पर भेजा गया तो मामला शांत हुआ। बताया कि किसी मतदाता ने पीठासीन से मतदान करने की बात पूछी तो उन्होंने चुनाव चिह्न का नंबर बता दिया था, हालांकि अधिकारियों ने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं थी, अफवाह उड़ाई गई है।
रुपये न मिलने पर ठप किया मतदान
विधान सभा सिराथू के बूथ संख्या-190 रसूलपुर की पोलिंग पार्टी बुधवार की शाम पहुंच गई थी। मंडी समिति ओसा से बूथ पर पहुंची पोलिंग पार्टी को सेक्टर मजिस्ट्रेट ने रुपये नहीं दिए। इसके चलते कर्मचारियों ने भूखे पेट मतदान शुरू कराया। 11 बजे तक जब पैसा नहीं मिला तो पीठासीन समेत सभी मतदान अधिकारी नाराज हो गए और कंट्रोल रूम में शिकायत शुरू कर दी। इस पर कंट्रोल रूम प्रभारी ने सेक्टर मजिस्ट्रेट को तत्काल पोलिंग पार्टियों को रुपये देने का निर्देश दिया। चेतावनी दी गई कि मामला आयोग की नजर में आ जाएगा तो खैर नहीं है। रुपये मिलने के बाद पोलिंग पार्टियों के खाने-पीने का इंतजाम बूथ पर हो सका।
बीएलओ ने नहीं बांटी थी मतदाता पर्ची
विधान सभा सिराथू के स्थानीय कस्बे के बूथ नंबर 250, 251, 252 के बीएलओ ने मतदाता पर्ची का वितरण डीईओ के निर्देश के बाद भी नहीं किया था। इतना ही नहीं वोटिंग के दौरान भी बीएलओ बूथ के बाहर उपस्थित होकर मतदाताओं को पर्ची देने की जगह अंदर घुसकर बैठा था। इस पर मतदाताओं ने शिकायत कंट्रोल रूम में की। शिकायत मिलने पर प्रभारी ने अधिशासी अधिकारी सिराथू को कड़े निर्देश देते हुए मतदाताओं को बूथ के बाहर बैठकर मतदाता पर्ची बंटवाने का निर्देश दिया।
गायब रहे मतदानकर्मी, खड़े रहे मतदाता
विधान सभा सिराथू के वेबकास्टिंग बूथ नंबर 46 के पीठासीन व मतदान अधिकारियों की लापरवाही का शिकार मतदाता हुए। बूथ पर लाइन लगाकर जहां मतदाता अपनी बारी आने का इंतजार कर रहे थे वहीं जलपान के नाम पर पीठासीन व तीनों मतदान अधिकारी गायब हो गए। इसकी भनक कंट्रोल रूम प्रभारी को ऑनलाइन वेबकास्टिंग से हुई तो उन्होंने फौरन पीठासीन से संपर्क साधा। हिदायत दी कि तत्काल अपनी सीट पर पहुंचकर मतदान शुरू कराएं, अन्यथा खाली कुर्सी पर आयोग की नजर गई तो लेने के देने पड़ जाएंगे। फटकार के बाद बूथ पर पहुंचे पीठासीन व मतदान अधिकारियों ने वोटिंग शुरू कराई तो मतदाताओं ने राहत की सांस ली।