शुजातपुर में निर्माणाधीन ओवर ब्रिज। संवाद
शुजातपुर में 12.6 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा रेलवे ओवर ब्रिज और अंडरपास स्थानीय लोगों और राहगीरों के लिए बड़ी सहूलियत प्रदान करेगा। फिलहाल, अंडरपास बंद होने के कारण ग्रामीणों को लंबा रूट अपनाकर आना-जाना पड़ रहा है और बारिश या गंदे पानी के समय स्थिति और कठिन हो जाती है।
अंदावा के सुरेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि यह अंडरपास दस गांवों के लोगों के लिए जिला अस्पताल जाने का सबसे नजदीकी मार्ग है। हाल ही में शीतलपुर की एक महिला की तबीयत खराब हो गई थी। रात में परिजन चार पहिया वाहन से मंझनपुर अस्पताल जा रहे थे, लेकिन अंडरपास बंद होने के कारण उन्हें मजबूरी में महिला को बाइक पर बैठाकर अस्पताल ले जाना पड़ा। उन्होंने सेतु निगम पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अंडरपास बंद करने के बाद राहगीरों के लिए सर्विस रोड बनाना आवश्यक था, लेकिन आज तक यह काम नहीं किया गया।
इसी तरह, अहिरारा के राजन तिवारी ने कहा कि अंडरपास बंद होने के कारण आना-जाना बहुत कठिन हो गया है। अब लोग सिराथू, भरवारी या सयारा होकर लगभग 15 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करके अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अंडरपास में गंदा पानी जमा रहता है और झरझर कर राहगीरों के ऊपर गिरता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और सेतु निगम से आग्रह किया है कि अंडरपास और सर्विस रोड का निर्माण जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आपातकालीन स्थिति में लोगों की जान पर गंभीर खतरा हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि निर्माण पूरा होने के बाद न केवल राहगीरों की मुश्किलें कम होंगी, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों की पहुंच भी सुरक्षित और त्वरित होगी।
शुजातपुर में रेलवे क्राॅसिंग पर ओवर ब्रिज का निर्माण रेलवे की ओर से किया जा रहा है। विभाग इसके बाद की सड़कों के लिए जिम्मेदार है। फिलहाल पुल निर्माण का कार्य तेजी के साथ चल रहा है। - हरवंश सिंह, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग
शुजातपुर में निर्माणाधीन ओवर ब्रिज। संवाद