न बैंड बाजा और न ही बाराती। चार पहिया गाड़ी से आए कुछ लोग शादी की रस्में निभाकर कुछ ही घंटे में गरीबों की बेटियां लेकर चले जाते हैं। घर की दहलीज लांघने वाली लाडो को यह पता नहीं होता कि बाबुल के घर से उसकी आखिरी विदाई होती है। अब उसे शायद कभी मायका आना नसीब न हो। राजस्थान के अलावा पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड से अक्सर कौशाम्बी में बेटियों के खरीदार आते हैं। शादी के नाम पर लड़कियों को केवल धोखा दिया जाता है। एक से दो लाख रुपये देकर गरीब तबके की बेटियां खरीदी जा रही हैं। अब तक दर्जनों मामले सामने आ चुके हैं लेकिन पुलिस इस घिनौने खेल पर पाबंदी नहीं लगा सकी।
कौशाम्बी के पिपरी, चरवा, पूरामुफ्ती, कौशाम्बी थाना क्षेत्र में मानव तस्करों का एक बड़ा गैंग सक्रिय है। वर्ष 2009 से जिले में गरीब परिवारों की लड़कियों को दुल्हन के रूप में बेचने का यह शर्मनाक खेल चल रहा है। लड़कियों की कमी की वजह से राजस्थान के पाली समेत कई जिलों के अलावा हरियाणा, यूपी के मेरठ और मथुरा, उत्तराखंड सेभी खरीदार आते हैं। 15 से 18 वर्ष की लड़कियों का ही सौदा तय किया जाता है। इस गैंग के निशाने पर गरीब तबके के परिवार रहते हैं। गिरोह में महिला सदस्य भी हैं। गरीबों को पैसों का लालच और मुफ्त में बेटी की शादी का लालच देकर सौदा किया जाता है। अब तक कौशाम्बी की 50 से ज्यादा लड़कियां बेची जा चुकी हैं। गिरोह से जुड़े दलाल पहले खरीदने के इच्छुक लोगों को लड़कियों की फोटो भेजते हैं। पसंद आने पर सदस्य उनके मां-बाप से शादी के बहाने लड़कियों को बेचने का सौदा करते हैं। सब तय होने के बाद खरीदार आते हैं। वह भी दलाल के गारंटी लेने पर। पिपरी और चरवा में इस गैंग का पर्दाफाश हो चुका है। पूरामुफ्ती में मानव तस्करी का एक मामला भी दर्ज है, लेकिन अभी तक इस गिरोह के सदस्यों का पुलिस पता नहीं लगा सकी है। तराई इलाके में भी इस गैंग ने अपनी पैठ जमा ली है। चार माह पहले टेवां चौकी पुलिस ने भरसवां गांव में दबिश देकर दो लड़कियां और मानव तस्करों के गिरोह को पकड़ा था लेकिन बाद में पुलिस ने लीपापोती कर दी। यह मामला महकमे में चर्चाका विषय बना था। चौकी प्रभारी का तबादला भी हो गया था। कार्रवाई न होने से गिरोह बेखौफ होकर लड़कियों की खरीद-फरोख्त में जुटा है।
कौशाम्बी थाना क्षेत्र के एक गांव की सगी बहनों को दलालों ने मथुरा में बेच दिया। एक-एक लाख रुपये में इनका सौदा कराया गया था। बोलेरो गाड़ी से आए दो अधेड़ ने इनसे शादी की और अपने साथ ले गए। इन सगी बहनों के बिकने के बाद से गांव में तरह-तरह की चर्चा है। इन सौदे में क्षेत्र के ही लवकुश नाम के सदस्य की मुख्य भूमिका बताई जा रही है। वहीं दुल्हन को खरीदने राजस्थान के पाली से आए एक अधेड़ व उसके साथ रहे युवक को पिपरी थाने की पुलिस जेल भेज चुकी है। ग्रामीणों के हंगामा करने पर तत्कालीन एसओ पीके यादव ने वर्ष 2015 में दबिश देकर यह कार्रवाई की थी। पकड़े गए लोगों से स्थानीय दलालों के बारे में पूछताछ की गई थी, लेकिन अब तक पुलिस दलालों को खोज नहीं सकी है।