धूमनगंज के भोला का पुरवा में मंगलवार को बालू लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से चौथी के छात्र प्रिंस भारतीय (10) की मौत हो गई। हादसा काली मंदिर के पास सुबह करीब 9:30 बजे हुआ। हादसे के वक्त प्रिंस मौसी के यहां से साइकिल से अपने घर लौट रहा था। हादसे के बाद आरोपी चालक ट्रैक्टर छोड़कर भाग निकला। डीसीपी सिटी सागर जैन ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर जांच की जा रही है।
आक्रोशित लोगों ने आरोपी की गिरफ्तारी, 50 लाख मुआवजा और परिवार में एक सरकारी नौकरी की मांग पर प्रयागराज-कानपुर मार्ग स्थित सुलेमसराय में धर्मवीर गली के पास पर चक्काजाम कर दिया। करीब एक घंटे हंगामे के बाद आरोपी की गिरफ्तार के आश्वासन पर मामला शांत हुआ। इससे यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने आरोपी चालक को हिरासत में ले लिया है।
भोला का पुरवा निवासी राजमिस्त्री लल्लन भारतीय का बेटा प्रिंस प्रीतम नगर स्थित स्कूल में कक्षा चार में पढ़ता था। मंगलवार सुबह वह पापा की साइकिल से काली मंदिर के पास पहुंचा तभी नीवां की तरफ से तेज रफ्तार में आ रहे बालू लदे ट्रैक्टर के पहिये के नीचे आ गया और कुछ दूर तक घसीटा चला गया। प्रिंस की मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
चक्काजाम की सूचना पर धूमनगंज एसीपी रवि गुप्ता, थाना प्रभारी राजीव कुमार बैस समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाया।
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पिता का आरोप - नशे के धुत में था चालक
पिता लल्लन ने आरोप लगाया कि ट्रैक्टर कल्लू यादव का है जबकि उसे कुंदन चला रहा था। नशे के धुत में कुंदन ने तेज रफ्तार में ट्रैक्टर चलाते हुए बेटे पर रौंद दिया।
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सड़क पर आते ही वाहनों की लगी कतार
आक्रोशित परिजनों व स्थानीय लोगों के सड़क पर आते ही प्रयागराज-कानपुर हाईवे पर जाम लग गया। देखते ही देखते दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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‘कहकर गया था मौसी के घर से आ रहा हूं...’
मां बोली- रोज की तरह प्रिंस बेटा साइकिल से मौसी के घर जाने के लिए निकला था
फोटो सहित
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। घर से निकलते वक्त प्रिंस ने मां गुड्डन देवी से कहा था, ‘मौसी के घर जा रहा हूं, अभी आ रहा हूं।’मां ने भी रोज की तरह बेटे की बात पर भरोसा किया और उसे जाने दिया लेकिन उसकी मौत की खबर मिली तो मां बेसुध हो गईं। बिलखते हुए कहती रही, ‘कहकर गया था आ रहा हूं... कहां रह गया मेरा लाडला।’
घरवालों ने बताया कि प्रिंस रोज की तरह मंगलवार को भी पापा की साइकिल से मौसी के घर जाने के लिए निकला था। दो भाइयों में सबसे छोटा होने के कारण प्रिंस परिवार का दुलारा था। बड़ा भाई रिषभ है। बेटे की मौत के बाद मां की हालत देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। वह कभी बेटे को पुकारतीं तो कभी हादसे के बारे में सुनकर बिलख पड़तीं।
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आने वाला था प्रिंस का जन्मदिन
प्रिंस का जन्मदिन 28 नवंबर को आता था। भाई का कहना है कि घर में उसके जन्मदिन को लेकर खुशियां मनाने की तैयारी थी। प्रिंस के घर के बाहर रिश्तेदारों, परिचितों और आसपास के लोग जुटे रहे। परिवार को ढाढ़स बंधाने पहुंचे।