सैनी कोतवाली परिसर में बने विभागीय आवास में सोमवार की रात दर्दनाक हादसा हो गया। बाथरूम के दरवाजे में उतरे करंट की चपेट में आकर मुख्य आरक्षी निरंजन सिंह कुशवाहा (42) की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मूल रूप से गाजीपुर जनपद के भुड़कुड़ा थाना क्षेत्र के हाजीपुर बिजहरी निवासी निरंजन सिंह 2011 बैच के सिपाही थे और वर्तमान में सैनी कोतवाली में मुख्य आरक्षी के पद पर तैनात थे। वह कोतवाली परिसर में बने सरकारी आवास में अकेले रहते थे, जबकि उनकी पत्नी बच्चों के साथ वाराणसी में रहती हैं।
सोमवार शाम ड्यूटी के बाद वह अपने कमरे में चले गए थे। रात करीब 11:30 बजे पत्नी ने फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव न होने पर पुलिसकर्मी उनके आवास पहुंचे। दरवाजा न खुलने पर चारदीवारी फांदकर अंदर जाने पर वह बाथरूम में अचेत अवस्था में मिले। पुलिसकर्मी निरंजन को सीएचसी सिराथू ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
कोतवाली प्रभारी त्रिलोकनाथ पांडे ने बताया कि बाथरूम की बिजली की वायरिंग टूटकर दरवाजे पर गिर गई थी, जिससे करंट फैल गया और हादसा हुआ।
मुख्य आरक्षी की मौत करंट लगने से हुई है। सरकारी आवास में बने बाथरूम में वायरिंग लाइन कब से खराब थी। इसे ठीक क्यों नहीं कराया गया इसकी जांच की जा रही है। - सत्येंद्र तिवारी क्षेत्राधिकारी सिराथू
मृतक मुख्य आरक्षी की फाइल फोटो