चायल। कस्बे में पांच वर्ष पूर्व बनकर तैयार हुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का हाल-बेहाल है। कार्यदायी संस्था (सीएनडीएस) जल निगम का 83 लाख रुपये शासन से बकाया होने के चलते अस्पताल भवन का हस्तांतरण नही किया जा रहा है। नतीजतन, पांच साल से भवन धूल फांक रहा है। शासन ने इस अस्पताल के नाम पर डॉक्टर सहित आठ स्टाफ की नियुक्ति भी कर दी है, लेकिन भवन हस्तानांतरण नहीं होने के कारण मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
कस्बे में छह करोड़ की लागत से सीएचसी भवन का निर्माण कार्यदायी संस्था जलनिगम से कराया गया। अस्पताल वर्ष 2013 में बनकर तैयार हो गया है। सड़क की सतह से भवन काफी नीचा होने के चलते बरसात के दिनों में भवन में जलभराव की स्थिति बन जाती है। भवन निर्माण की लागत का 83 लाख रुपये शासन से बकाया होने के चलते कार्यदायी संस्था द्वारा भवन का हस्तांतरण अब तक स्वास्थ्य विभाग को नहीं किया है। ऐसे में देखरेख और मरम्मत के अभाव में भवन जर्जर हो रहा है। अस्पताल परिसर में अराजकतत्वों का जमावड़ा बना रहता है। भवन की दीवारें टूट रही हैं, खिड़की दरवाजे निकाले जा रहे। अस्पताल परिसर में अक्सर जुएं की फड़ बैठती है। इसे लेकर स्थानीय लोगों में रोष है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. मुक्तेश द्विवेदी का कहना है कि भवन नहीं मिलने के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार कार्यदायी संस्था को भवन हस्तांतरण का पत्र भेजा जा चुका है, लेकिन संस्था शासन में पैसा बाकी होने के कारण भवन नहीं दे रही है।