मंझनपुर। शासन ने क्रय केंद्रों पर धान लाने वाले किसानों को बड़ी राहत दी है। केंद्र प्रभारी धान खरीदते समय मानक का हवाला देकर किसान के धान को खरीदने से इंकार नहीं कर सकेंगे। किसानों को अपने धान को क्रय केंद्र में बेचने का पूरा मौका दिया जाएगा। नमी होने पर किसान अपने धान को क्रय केंद्र में ही सुखा सकेंगे। साथ ही हाईब्रिड धान बेचने वाले किसानों को चावल के प्रतिशत में भी राहत मिलेगी। समर्थन मूल्य में धान बेचने के लिए शासन की ओर से मानक बनाए गए हैं। उसी मानक को गुणवत्ता को लेकर अभी तक केंद्र प्रभारी किसानों के धान को वापस कर देते थे। इससे किसानों को काफी दिक्कत उठानी पड़ती थी। अब शासन ने नियम में बदलाव किया है।
यदि किसी किसान के धान में नमी है तो उसे क्रय केंद्र में सुखाने का मौका दिया जाएगा। धान में धूल, गंदगी होने पर उसे साफ करने का भी मौका किसानों को दिया जाएगा। इसके बावजूद भी धान की गुणवत्ता मानक के अनुरूप नहीं आ पाती है तो किसान की शिकायत सुनने के लिए पांच सदस्यीय समिति बनाने का प्रावधान किया गया है। यह समिति 24 घंटे में अपना निर्णय देगी। साथ ही जिन किसानों ने हाईब्रिड धान तैयार की है। उनको क्रय केंद्र में चावल में तीन फीसदी की सहूलियत दी जाएगी। बताते चलें कि एक क्विंटल सामान्य धान में 67 किलो चावल की रिकवरी का मानक होता है। हाईब्रिड धान में 64 किलो चावल की रिकवरी गोदाम में देनी होगी।
धान खरीद की तैयारी पूरी कर ली गई है। क्रय केंद्र में किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ मिले। इसके लिए गीले धान को सुखाने और सफाई करने की भी व्यवस्था दुरुस्त की गई है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदने के लिए जिले भर में विभिन्न एजेंसियों के 29 क्रय केंद्रों की सूची फाइनल कर दी गई है। अभी कुछ और केंद्रों को भी स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।
अंशुमाली शंकर, डिप्टी आरएमओ