फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चायल कस्बे में ही मिले 100 बच्चे कुपोषित

Wed, 13 May 2015 12:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रभावित गांवों को अफसरों के गोद लेने और पोषण मिशन कार्यक्रम लागू होने के बाद भी कौशाम्बी में कुपोषण की स्थिति भयावह बनी हुई है। यह सच्चाई मंगलवार को खुद कार्यक्रम की हकीकत खंगालने चायल पहुंचे खाद्य सुरक्षा एवं औषधि  विभाग के विशेष सचिव राघवेंद्र विक्रम सिंह ने देखी। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की क्लास ली। अतिकुपोषित बच्चों को चिह्नित करके उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने का निर्देश दिया।
विज्ञापन


जिले में पोषण पुनर्वास कार्यक्रम की हकीकत देखने शासन से नामित अधिकारी विशेष सचिव खाद्य सुरक्षा एवं औषधि राघवेंद्र विक्रम सिंह सोमवार को दो दिवसीय जिले के दौरे पर आए थे। मंगलवार को उन्होंने मूरतगंज ब्लाक के पंसौर और चायल कस्बे में चौपाल लगाकर बच्चों के कुपोषण की जांच की। पंसौर में जहां 10 बच्चे कुपोषित और 2 बच्चे अतिकुपोषित मिले। वहीं चायल में 100 बच्चे कुपोषित मिले। चायल कस्बे में लगी चौपाल के दौरान उन्हें डीपीओ राकेश मिश्र ने बताया कि कस्बे में आंगनबाड़ी के 9 केंद्र संचालित हैं। जहां 5 साल तक के 1224 बच्चे पंजीकृत हैं। इन बच्चों का उन्होंने वजन कराया, तो इनमें से 100 बच्चे कुपोषित मिले। जांच के दौरान कस्बे का दो वर्षीय शिवकुमार का वजन 6.900 किग्रा मिला। जबकि दो साल के बच्चे का वजन कम से कम 10 किग्रा होना चाहिए।


इसी तरह से 5 महीने की फातिमा 4 किलोग्राम के बजाय 1.50 किग्रा की मिली। वहीं सालभर की गौरी का वजन महज 2 किलोग्राम निकला। जबकि उसे कम से कम 8-10 किलोग्राम होना चाहिए। इस पर उन्होंने विभागीय अफसर के साथ आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को फटकार लगाई। अतिकुपोषित बच्चों को तत्काल पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने का निर्देश दिया। चौपाल में उन्होंने ग्रामीणों को भी जागरूक किया। बताया कि नवजात बच्चे का वजन 2.50 किग्रा होना चाहिए। कम वजन होने पर साफ है कि बच्चा कुपोषित है। उन्होंने गांववालों को स्वास्थ्य और सफाई पर ध्यान देने और शौचालयों का अनिवार्यरूप से निर्माण और उसके इस्तेमाल की भी सीख दी। इस मौके पर सीडीओ भोलानाथ मिश्र, सीएमओ डॉ आरके मिश्रा, डीपीओ राकेश कुमार मिश्र, डीपीआरओ आरके भारती आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें