मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले के दौरान जिले के विभिन्न प्राथमिक और नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों के साथ-साथ अव्यवस्था की भी भारी भीड़ दिखी। भीषण गर्मी में अस्पतालों में कहीं मरीजों को पेयजल, छाया और बैठने की सुविधा नहीं मिली तो कहीं डॉक्टर और तकनीकी स्टाफ के अभाव में व्यवस्थाएं प्रभावित दिखीं।
मंझनपुर मुख्यालय स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पानी, बिजली और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी दिखाई दी। परिसर में लगा हैंडपंप वर्षों से खराब पड़ा मिला, जिसके आसपास जलभराव था। वहीं, अस्पताल परिसर में कूड़े का ढेर भी था। दोपहर 12:30 बजे तक ओपीडी में कुल नौ मरीज पहुंचे।
चरवा पीएचसी की स्थिति सबसे चिंताजनक नजर आई। यहां अस्पताल एक कमरे में संचालित होता मिला, जहां न छाया की व्यवस्था थी और न बैठने की। हाल ही में लगाया गया वाटर कूलर भी बंद पड़ा था। ग्रामीण गुलशन केसरवानी ने बताया कि मरीजों को धूप में खड़े होकर पर्चा बनवाना और दवा लेनी पड़ती है। आरओ प्लांट की टोंटी खराब होने से पेयजल की समस्या भी बनी हुई है।
नेवादा पीएचसी में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज कुमार चौरसिया निरीक्षण पर गए थे, जबकि डॉ. शशांक गुप्ता की जेल ड्यूटी लगी होने के कारण आयुष विभाग की संविदा चिकित्सक डॉ. शना मरीजों की जांच कर रही थीं। दोपहर 12:25 बजे तक 35 मरीजों की ओपीडी हुई। यहां साफ-सफाई, पेयजल और बिजली व्यवस्था संतोषजनक मिली।
भरवारी के सईगंज अर्बन स्वास्थ्य केंद्र में 22 मरीजों का उपचार किया गया। फार्मासिस्ट के अनुपस्थित रहने पर डॉक्टर ने स्वयं दवा वितरण किया। यहां पेयजल के लिए केवल हैंडपंप है, जिससे कभी-कभी गंदा पानी निकलने की शिकायत मिली।
चमरूपुर पीएचसी में 81 मरीजों का इलाज हुआ, लेकिन एलटी और एलए के अभाव में जांच नहीं हो सकी। सिंघिया केंद्र में मरीजों को आरओ के पानी के डिब्बों पर निर्भर रहना पड़ा क्योंकि वाटर कूलर नहीं लगा है। टेवां नवीन पीएचसी में लगभग डेढ़ दर्जन मरीजों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया।
चरवा पीएचसी के जर्जर भवन के ध्वस्तीकरण के लिए सीडीओ को पत्र भेजा गया है। मंझनपुर पीएचसी में साफ-सफाई और खराब हैंडपंप की समस्या के समाधान के लिए नगर पालिका ईओ और संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। जल्द व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जाएंगी। - डॉ. संजय कुमार सिंह, सीएमओ
मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में 1078 मरीजों का उपचार
जनपद के 33 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और तीन शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया। मेले में विभिन्न रोगों से ग्रसित कुल 1078 मरीजों का पंजीकरण कर चिकित्सकों ने उनका उपचार किया। जबकि छह मरीजों को मेडिकल कॉलेज एवं जिला संयुक्त चिकित्सालय मंझनपुर रेफर किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार ने बताया कि मेले में 49 चिकित्साधिकारियों और 140 पैरामेडिकल कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। इसके अलावा 61 आभा आईडी और 47 गोल्डन कार्ड भी बनाए गए।
पीएचसी चमरूपुर में आरोग्य मेला में डॉ. सुधीर कुमार वर्मा मरीज देखते हुए। संवाद
पीएचसी चमरूपुर में आरोग्य मेला में डॉ. सुधीर कुमार वर्मा मरीज देखते हुए। संवाद
पीएचसी चमरूपुर में आरोग्य मेला में डॉ. सुधीर कुमार वर्मा मरीज देखते हुए। संवाद
पीएचसी चमरूपुर में आरोग्य मेला में डॉ. सुधीर कुमार वर्मा मरीज देखते हुए। संवाद
पीएचसी चमरूपुर में आरोग्य मेला में डॉ. सुधीर कुमार वर्मा मरीज देखते हुए। संवाद
पीएचसी चमरूपुर में आरोग्य मेला में डॉ. सुधीर कुमार वर्मा मरीज देखते हुए। संवाद
पीएचसी चमरूपुर में आरोग्य मेला में डॉ. सुधीर कुमार वर्मा मरीज देखते हुए। संवाद