कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
नवरात्र के पहले दिन देवी की पूजा के साथ-साथ कलश स्थापित भी किया जाता है। यह बेहद शुभ और सुख-सौभाग्य लेकर आता है। इस दिन पहला शुभ मुहूर्त सुबह 06 बजकर 52 मिनट से सुबह 07 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। दूसरा मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 05 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। वहीं 26 मार्च को अष्टमी व 27 नवमी को कन्या पूजन किया जाएगा।
ऐसे करें देवी मां की पूजा की तैयारी
करारी। नवरात्रि के पहले दिन आप एक साफ चौकी पर माता रानी की मूर्ति स्थापित करें। देवी को लाल रंग की नई चुनरी पहनाएं। इस दौरान देवी को अन्य श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें और उन्हें इत्र लगाएं।
एक साफ थाली में रोली और अक्षत का टीका बनाकर माता रानी को लगाएं। इसके बाद साफ लोटे में जल भरकर उसपर नारियल चुनरी में बांधकर रखें और कलश स्थापित करें। इस दौरान कलश को भी टिका लगाएं। देवी को फूलों की माला पहनाएं और सूखे मेवे को पूजा में भोग के रूप में शामिल कर लें।
व्रत का पारण कब होगा
पंडित ज्ञानेंद्र शास्त्री ने बताया कि 27 मार्च को दोपहर 12:02 तक नवमी तिथि रहेगी। इसके बाद दशमी तिथि लग जाएगी। लिहाजा 27 मार्च को दोपहर 12:02 के बाद व्रत का पारण किया जाएगा।