मंझनपुर। चायल नगर पंचायत की अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी को मनमानी महंगी पड़ सकती है। उपजिलाधिकारी और क्षेत्राधिकारी की जांच में चेयरमैन के स्थान पर अन्य व्यक्ति के काम करने और कार्यालय से चेकबुक गायब होने का खुलासा हुआ है। अफसरों ने अपनी जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी है। डीएम ने चेयरमैन और ईओ को नोटिस भेजकर सात दिन में जवाब मांगा है। माना जा रहा है कि इस मामले में अध्यक्ष और ईओ पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है।
चायल के रहने वाले मोहम्मद सब्बर, अमर सिंह आदि लोगों ने तहसील दिवस में नगर पंचायत चायल में अभिलेखों में हेराफेरी करके विकास कार्यों में धांधली और अभिलेख गायब किए जाने की शिकायत जिलाधिकारी से की थी। डीएम ने नगर पंचायत अध्यक्ष एवं अधिशासी अधिकारी को बुलाकर पूछताछ की थी। पूछताछ में चेकबुक और पासबुक पूर्व सभासद के पास होने का खुलासा हुआ था। इसके बाद अफसरों ने फौरी तौर पर माना है कि नगर पंचायत कार्यालय से चेकबुक गायब होने का मतलब है कि विकास कार्यों की रकम में भी गड़बड़ी हुई है।
डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उपजिलाधिकारी रजनीश मिश्रा और क्षेत्राधिकारी आलोक मिश्रा को जांच करने का निर्देश दिया था। एसडीएम और सीओ की जांच में चेयरमैन के स्थान पर अन्य व्यक्ति के काम करने और कार्यालय से चेकबुक गायब होना मिला है। वहीं बताया जाता है कि जांच के दौरान नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी गिरीशचंद्र ने लिखित में लेखा लिपिक बनवारी लाल के पास सारे अभिलेख होने की बात कबूल की है। एसडीएम ने बताया कि जांच के दौरान संबंधित लिपिक अवकाश लेकर कार्यालय से गायब हो गया था। उसका मोबाइल भी बंद था।
एसडीएम और सीओ ने संयुक्त रूप से जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी है। इस रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने चेयरमैन और ईओ को नोटिस जारी करके सात दिन में जवाब मांगा है। माना जा रहा है कि अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी पर कार्रवाई संभव है। मामले में ईओ गिरीशचंद्र का कहना है कि उनके पास दो-दो नगर पंचायत का चार्ज है। ऐसे में चायल कार्यालय में तैनात लिपिक बनवारीलाल के पास ही कार्यालय के अभिलेख रहते हैं।