मंझनपुर। कौशाम्बी में सिंचाई के लिए किसानों को बिजली की राह नहीं ताकनी होगी। पेट्रोलपंप जाकर डीजल नहीं खरीदना पड़ेगा। वे अपने खेत सूरज की रोशनी के सहारे सींच लेंगे, क्योंकि सरकार ने किसानों को 75 फीसदी अनुदान पर सोलरपंप मुहैया कराना शुरू कर दिया है। इसी वित्तीय वर्ष में प्रयोग के तौर पर 20 किसानों को सोलरपंप देने का लक्ष्य रखा गया है। कृषि उपनिदेशक ने बताया कि जल्द ही किसानों से इसके लिए आवेदन पत्र लिए जाएंगे।
दोआबा में किसानों को सिंचाई के लिए नहरों में पानी और नलकूप चलाने के लिए बिजली आने का इंतजार आने वाले समय में शायद नहीं करना पड़े। बिजली और डीजल से मंहगी होती सिंचाई से किसानों को निजात दिलाने के लिए सोलर पंप लगाने के लिए सरकार प्रोत्साहित कर रही है। उपकृषि निदेशक सत्येंद्र सिंह चौहान ने बताया कि किसानों को अनुदान पर सोलरपंप मुहैया कराने का शासनादेश मिला है। इस वित्तीय वर्ष में 75 फीसदी अनुदान पर जिले के 20 किसानों को सोलरपंप मुहैया कराने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने बताया कि जिले में 9.50 लाख रुपये की लागत से एक सोलरपंप स्थापित होंगे। इसके लिए किसानों को 75 फीसदी अनुदान दिया जाएगा। यानि सिंचाई के लिए सोलर पंप लगाने में आने वाले खर्च में से कृषि विभाग 45 फीसदी, नेडा 30 फीसदी और आवेदक 25 फीसदी की हिस्सेदारी होगी। उप कृषि निदेशक के मुताबिक योजना को इसी वित्तीय वर्ष से लागू किया जाना है। इसके लिए किसानों से जल्द ही आवेदनपत्र लेकर परियोजना के लिए उनका चयन किया जाएगा। डीएम राजमणि यादव ने बताया कि किसानों को सोलरपंप देने का शासनादेश प्राप्त हुआ है। कृषि उपनिदेशक को आवेदनपत्र लेकर किसानों का चयन करने और परियोजनाओं को लगाने का निर्देश दे दिया गया है।