चायल। अपर जिला अधिकारी को नगर पंचायत कार्यालय में जांच के लिए कोई भी अभिलेख नहीं मिला। मौजूद बाबुओं ने अभिलेखों की बावत कोई जानकारी होने से ही इंकार कर दिया। इस मनमानी से भड़के एडीएम ने उप जिलाधिकारी चायल को चेक से विकास कार्यों के लिए खर्च की गई रकम का स्थलीय निरीक्षण का निर्देश दिया है। साथ ही गड़बड़ी मिलने पर अध्यक्ष, ईओ समेत अन्य संबंधित अफसर, कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया।
बता दें कि अपर जिलाधिकारी (एडीएम) राम सूरत पांडेय बुधवार को अपराह्न करीब 3 बजे नगर पंचायत चायल का मुआयना करने पहुंचे थे। एडीएम को कार्यालय में सिर्फ दो बाबू मौजूद मिले। एडीएम ने इन बाबूओं से विकास संबंधी पत्रावली के साथ स्टीमेट रजिस्टर, खातों से संबंधित रजिस्टर, कैशबुक, चेकबुक, जनरेटर की लाकबुक, कर्मचारियों की सेवा से संबंधित फाइलें मंगवाई।
एडीएम ने बताया कि दोनों बाबू एक भी अभिलेख उन्हें उपलब्ध नहीं करा सके। पूछने पर बताया कि नगर पंचायत के सभी अभिलेख कहां रखे हैं। इसकी जानकारी अध्यक्ष, ईओ अथवा पूर्व सभासद ही दे सकते हैं। एडीएम ने तत्काल फोन लगाकर पूर्व सभासद से बात की। पर, उसने अभिलेखों की बावत जानकारी होने से इंकार कर दिया। एडीएम ने अध्यक्ष, ईओ और पूर्व सभासद को सभी अभिलेख, चेकबुक, पासबुक एवं अन्य पत्रावलियां बृहस्पतिवार तक जांच के लिए उपलब्ध कराने की हिदायत दी।
साथ ही चेताया कि ऐसा नहीं किए जाने पर शुक्रवार को सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी जाएगी। वहीं एडीएम ने उपजिलाधिकारी चायल रजनीश मिश्र को चेक से विकास के लिए खर्च की गई रकम का स्थलीय निरीक्षण का निर्देश दिया है। एडीएम ने बताया कि स्थलीय जांच के बाद अध्यक्ष, अधिशासी अधिकारी समेत सभी दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।