विकास भवन में अधिकारियों और कर्मचारियों की लेटलतीफी पर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल में यह खुलासा हुआ कि कई विभागों के अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय समय में ड्यूटी से नदारद रहते हैं। इसका संज्ञान लेते हुए सीडीओ ने कड़ा रुख अपनाया है और 11 जिला स्तरीय अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
सोमवार और मंगलवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने विकास भवन का निरीक्षण किया तो पाया कि कई दफ्तरों में संबंधित अधिकारी अपनी सीट पर मौजूद नहीं थे। लोगों को अपने जरूरी कामों के लिए भटकना पड़ा। लेटलतीफी और गैरहाजिरी की यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई थी, जिसकी शिकायतें लगातार मिल रही थीं।
सीडीओ ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में समय की पाबंदी और जनता को सुविधा देना अधिकारियों की पहली जिम्मेदारी है। जनता को परेशान करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में अनुपस्थित पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल का स्वागत करते हुए कहा कि यदि नियमित निगरानी जारी रही तो सरकारी दफ्तरों की कार्यशैली में सुधार होगा और जनता को समय पर राहत मिलेगी।
इन अधिकारियों को मिला नोटिस
विकास भवन में अधिकारियों की लेटलतीफी और गैरहाजिरी को गंभीरता से लेते हुए सीडीओ ने 11 जिला स्तरीय अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। निरीक्षण में अनुपस्थित पाए जाने पर इन अधिकारियों को कारण बताने को कहा गया है। नोटिस पाने वालों में जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, अवर अभियंता-ग्राम्य विकास, जिला युवा कल्याण अधिकारी, सहायक अभियंता लघु सिंचाई, उपायुक्त श्रम रोजगार शामिल हैं। साथ ही सभी कार्यालयाध्यक्षों को अपने-अपने दफ्तरों में साफ-सफाई और शौचालय व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।
विकास भवन के अधिकारियों के कार्यालय में मौजूद न रहने की खबर का संज्ञान लेकर उनसे जवाब मांगा गया है।
- विनोद राम त्रिपाठी, सीडीओ