सीबीआई टीम ने सिंडिकेट के ठिकानों पर मारा छापा
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। सीबीआई टीम ने रविवार को सिंडिकेट के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। जिले में संचालित बैरियरों का निरीक्षण किया। सभी स्थानों का वीडियो तैयार किया। सिंडिकेट से करीबी गांठने वालों को कैंप कार्यालय में तलबकर पूछताछ भी किया। सीबीआई टीम की सक्रियता से जिले में दिनभर हड़कंप मचा रहा।
31 मई 2012 से जून 2016 तक जिले के यमुना घाटों से बड़े पैमाने पर हुए बालू के अवैध खनन की शिकायत पर न्यायालय ने एक साथ बाधित अवधि व मई 2012 के बाद स्वीेकृत पट्टों को एक ही आदेश में निरस्त कर दिया था। इसी बीच कथित सिंडीकेट ने जिले में डेरा डाला और शासन स्तर से लेकर जिले के आला अफसरों को अपने प्रभाव में लेकर खुलेआम यमुना का सीना छलनी किया। हाईकोर्ट के आदेश पर प्रकरण की जांच सीबीआई कर रही है। इसके लिए सीबीआई की दो सदस्यीय टीम 22 जुलाई को चौथी बार कौशाम्बी आई है। 14 दिवसीय दौरे के सातवें दिन बुधवार को सीबीआई अफसरों ने मंझनपुर में सिराथू रोड स्थित प्रेम विला (भवन) के मालिक सुशील कुमार उर्फ गोलू केसरवानी को सुबह दस बजे कांशीराम गेस्ट हाउस स्थित अपने कैंप कार्यालय बुलाया। दरअसल सुशील ने इस भवन को बतौर किराए पर सिंडिकेट को दे रखा था। इसीलिए टीम ने सिंडिकेट की गतिविधियों के बारे में करीब दो घंटे तक सुशील से गहन पूछताछ किया। इसके बाद सुशील को साथ लेकर प्रेम विला पहुंचकर छापेमारी किया। यहां 15 मिनट रुककर वीडियो तैयार किया। बताते चलें कि पिछली बार भी टीम ने सुशील से पूछताछ किया था। इसी के बाद मुकदमा दर्ज कर जांच में तेजी आई। इसके बाद करवरिया बंधुओं के मैनेजर संतोष तिवारी को बुलाया। संतोष को साथ लेकर सिंडिकेट के दूसरे ठिकाने मंझनपुर के समदा रोड स्थित भवन पर पहुंचे। यहां भी छापेमारी कर वीडियो बनाया। इसके साथ ओसा चौराहा स्थित सिंडिकेट के तीसरे ठिकाने में भी छापेमारी कर वीडियो तैयार किया। सीबीआई टीम ने ओसा, करारी और तिल्हापुर स्थित खनिज बैरियरों का भी निरीक्षण किया। जांच-पड़ताल के दौरान टीम के साथ खनन अधिकारी राम पदारथ भी मौजूद रहे।