अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। जिले में अवैध खनन की जांच कर रही सीबीआई टीम ने गुरुवार को बाधित अवधि व नवीनीकरण का लाभ पाने वाले पट्टों के दस्तावेज जुटाए। लगभग पांच घंटे तक खनन कार्यालय में 13 पट्टो के दस्तावेज जुटाने के बाद टीम के सदस्य खनन निरीक्षक को अपने साथ ले गए और घंटों पूछताछ की। सीबीआई की इस कार्रवाई से घाट संचालकों में हड़कंप मचा है।
वित्तीय वर्ष 15-16 और 16-17 में जिले में हुए अवैध खनन की जांच न्यायालय के आदेश पर सीबीआई कर रही है। बृहस्पतिवार को उसने सपा शासनकाल में हुए अवैध खनन की हकीकत को खंगालने के लिए दस्तावेज जुटाए। चौथी बार आई टीम द्वारा खनन विभाग में करीब चार घंटे रिकार्ड खंगाले गए । इसके अलावा उन्होंने न्यायालय की रोक के बावजूद किस नियम पर तत्कालीन डीएम ने बालू कारोबारियों को नवीनीकरण व बाधित अवधि का लाभ दिया इससे जुड़े दस्तावेज भी लिए। इसके बाद खनन निरीक्षक राज रंजन को अपने साथ कैंप कार्यालय ले गई। वहां पर उनसे घंटों पूछताछ की गई। सीबीआई द्वारा बाधित अवधि व नवीनीकरण के पट्टों के सहारे खनन की जांच शुरू होने की भनक कारोबारियों को तो हड़कंप मच गया है। खनन निरीक्षक राजरंजन से उनसे हुई पूछताछ के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कुछ नहीं कहा। इतना बोला कि सीबीआई टीम द्वारा जो भी दस्तावेज मांगे गए विभाग से उन्हें उपलब्ध कराया गया। उनकी जांच में विभाग पूरा सहयोग कर रहा है। किस बिन्दु पर जांच चल रही है यह उन्हें नहीं पता है।
इन घाट के पट्टेधारकों को दिया गया था लाभ
न्यायालय की रोक के बाद जिले के 13 बालू घाट संचालकों को लाभांवित किया गया था। इनमें 11 लाभार्थी नवीनीकरण के तो दो बाधित अवधि के बताए जा रहे हैं। इनमें महेवाघाट के एक, पभोषा के दो, महिला के एक, डेढ़ावल के एक, ब्यूर के एक सहित 13 घाट संचालक शामिल हैं। इनके द्वारा विभागीय रवन्ने पर कितने ट्रक, ट्रैक्टर बालू की निकासी की गई एक-एक प्रतिपर्ण सीबीआई ने अपनी कस्टडी में ले लिया है।