अवैध बालू खनन को लेकर हुई मारपीट एवं फायरिंग मामले में पिपरी कोतवाली पुलिस ने बृहस्पतिवार को नौ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज होने की भनक लगते ही आरोपी घर छोड़कर फरार हो गए हैं। आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
उमरवल गांव में बुधवार सुबह नसीरपुर गांव का मनीष निषाद अपने ससुराल वालों के साथ यमुना नदी में नाव के जरिए प्रयागराज के लालापुर थाना क्षेत्र के पंड़ुवा गांव की सीमा में अवैध बालू खनन करने गया था। वहीं पर उसका खनन को लेकर पंड़ुआ गांव के दरोगा निषाद से विवाद हो गया था।आरोप है कि विवाद में मनीष व उसकी ससुराल उमरवल के लोगों ने दरोगा निषाद की पिटाई कर उमरवल गांव की सीमा में भाग आए थे। इसके बाद ही पंडुआ गांव के कुछ लोगों ने उमरवल घाट पर आकर मारपीट शुरू कर दी। दोनों पक्षों में हो रही मारपीट में जब उमरवल गांव के अंतू सिंह ने बीच बचाव किया तो मनीष के ससुराल वालों ने उसे पीट दिया था।
इससे आक्रोशित अंतू सिंह के परिवार वालों ने मनीष की ससुराल पहुंचकर नेपाली निषाद के घर पर हमला बोल दिया। बीच बचाव करने आई महिलाओं को मारपीट कर घायल कर दिया गया। इस दौरान कई राउंड फायरिंग भी की गई थी। मारपीट में रेखा देवी,रिंकी,सपना व बाबूलाल निषाद गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस बुलाकर गंभीर रूप से घायलों को अस्पताल भेजवाया। मामले में पुलिस ने नेपाली निषाद के भतीजे पिंटू निषाद की तहरीर पर दरोगा निषाद,अंतू सिंह,शेखर सिंह,चेतक सिंह,कल्लू सिंह, पुष्पेन्द्र सिंह, डीके सिंह,राजा सिंह, विक्रम सिंह समेत नौ आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।