Case against two including speculative operator in shopkeeper's suicide
सटोरियों के मकड़जाल में फंसकर पैसा और जान गवाने वाले युवक के मामले में पुलिस ने इलाके के दो सटोरियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। घटना के बाद से आरोपी घर छोड़कर फरार हैं। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित स्थानों पर दबिश देना शुरू कर दिया है।
पिपरी कोतवाली के मखऊपुर निवासी निखिल उर्फ मोनू केसरवानी परचून दुकानदार था। परिजनों की माने तो निखिल पिछले कई महीनों से इलाके में सट्टे का कारोबार करने वाले युवकों के मकड़जाल में फंस कर करीब 10 लाख रुपये गंवा बैठा था। इसको लेकर निखिल काफी परेशान रहता था। इसी तनाव में निखिल ने 10 मार्च की शाम जहर खाकर जान दे दी।
मौत को गले लगाने से पहले मृतक ने सुसाइड नोट और एक वीडियो वायरल करते हुए इलाके के दरियापुर निवासी ग्राम प्रधान शुभम सिंह के भाई प्रकाश सिंह और रायबरेली निवासी रिश्तेदार हरीश सिंह को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया था।
मामले में परिजनों की तहरीर पर पिपरी पुलिस ने शनिवार को आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। सीओ चायल श्यामकांत ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही मृतक के एकाउंट डिटेल सहित अन्य साक्ष्यों को भी एकत्र किया जा रहा है।
ऑनलाइन गेम और सट्टे का मास्टरमाइंड है हरीश
पुलिस ने बताया कि हरीश नाम का युवक जो मुकदमे में नामजद है वह इस खेल का मास्टर माइंड है। हरीश ऑनलाइन सट्टे का कारोबार कराता है। रायबेरली जनपद सहित दिल्ली, मेरठ, प्रयागराज में वह ऑनलाइन सट्टे का बड़ा कारोबार करता है। प्रयागराज में रह कर वह इसी प्रकार हजारों युवकों को अपनी मकड़जाल में फंसा चुका है। इनमे से मृतक निखिल उर्फ मोनू केसरवानी भी था, जिसने करीब दस लाख रुपये इन सटोरियों के मकड़जाल में फंसकर गंवा दिए।