भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के पदाधिकारियों ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का जमकर विरोध किया। मंगलवार को नगर पंचायत पूरब-पश्चिमशरीरा के कार्यालय में ईओ के खिलाफ धरना दिया और विरोध प्रदर्शन किया।
नगर पंचायत क्षेत्र के टहेरा गांव में सरकारी भूमि पर कुछ लोगों ने कब्जा कर रखा था। इस भूमि पर यह कब्जेदार खेती कर रहे थे। इस वक्त भी आलू की फसल बोई है। इस मामले की शिकायत नगर पंचायत और जिला प्रशासन के पास पहुंची थी। इसके बाद राजस्व विभाग के अफसरों ने जांच कराई थी।
जांच में अवैध कब्जा मिलने पर कब्जेदारों को बोई गई फसल काटने के बाद दोबारा बोआई न करने की हिदायत दी थी। इसी मामले को लेकर भाकियू के ब्लाॅक अध्यक्ष पुष्पराज सिंह व अन्य कार्यकर्ता नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे और धरने पर बैठ गए।
आरोप लगाया कि ईओ निशंक भास्कर की मिलीभगत से कब्जेदार अब भी सरकारी भूमि पर काबिज हैं। साथ ही वह बोई गई फसल की खोदाई कराने की तैयारी कर रहे हैं, जो नियम विरुद्ध है। जबकि, उच्चाधिकारियों ने भूमि को नगर पंचायत के कब्जे में लेने के निर्देश दिए थे।
इसी मामले का किसान नेताओं ने विरोध करते हुए ईओ के खिलाफ प्रदर्शन किया। ईओ ने किसान नेताओं से ज्ञापन लिया और उचित कार्रवाई का भरोसा देकर शांत कराया। इस प्रदर्शन में चंद्रभूषण सोनी, विनोद मिश्र, संपूर्णानंद, अशोक दुबे, बेला आदि मौजूद रहे।
संबंधित सरकारी भूमि नगर पंचायत के नाम दर्ज है। बीते संपूर्ण समाधान दिवस में भी किसान नेता पुष्पराज शिकायत लेकर गए थे। उसी दिन उपजिलाधिकारी व क्षेत्राधिकारी ने स्पष्ट कर दिया था कि जिसने फसल बोई है, वही काटेगा। फिर दोबारा उस पर खेती नहीं करेगा। किसान नेता व्यक्तिगत रंजिश के कारण मामले को तूल दे रहे हैं।
निशंक भास्कर
ईओ, नगर पंचायत पूरब-पश्चिमशरीरा