मंझनपुर। जिले में सराफा कारोबारी सुरक्षित नहीं हैं। रविवार को जिस जगह दीपक को गोली मारी गई वहीं पर लूट की एक और घटना को अंजाम दिया गया था। यहीं पर बदमाशों ने गहनोंं से भरा बैग लूटकर फरार हो गए थे। घटना के बाद आज तक बदमाश पुलिस की पकड़ से दूर हैं। इसी प्रकार पुलिस की फाइलों में अन्य कई घटनाएं दर्ज है जिनका खुलासा नहीं हो सका।
केस-एक
नवंबर 2011 में सदर कोतवाली के कोर्रों गांव निवासी जौहरी शीतला प्रसाद वर्मा फेरी लगाकर सोने चांदी के गहने बेचने का काम करते थे। ससुर खदेरी नदी के बसोहनी पुल के निकट बदमाशों ने तमंचे से फायर कर शीतला प्रसाद को घायल कर दिया था। जहां जिला अस्पताल में इलाज के दाैरान उनकी माैत हो गई थी।
केस दो
पइसा थाना क्षेत्र के जगन्नाथपुर निवासी सराफ वीरेंद्र कुमार मौर्या की उदहिन बुजुर्ग गांव में दुकान है। 21 नवंबर 2024 को वह शाम करीब छह बजे दुकान बंद कर घर जा रहे थे। गांव से निकलते ही एक बाइक पर सवार होकर आए तीन युवकों ने गन प्वाइंट पर लेकर इनसे बैग छीन लिया। बैग में करीब 50 लाख के गहने होने का दावा किया गया। बाद में पुलिस ने नहीं माना तो केवल 30 लाख के गहनों की शिकायत दर्ज हुई। घटना के दाैरान वीरेंद्र ने ही भाग रहे बदमाशों में एक को पकड़ लिया। बाद में पुलिस ने घटना का खुलासा किया लेकिन इनके गहने अब तक नहीं मिले।
केस- तीन
चरवा के समसपुर गांव के आभूषण कारोबारी अनूप कुमार सोनी आठ सितंबर 23 को ऑर्डर का गहना पहुंचाने रमदयालपुर गांव गए थे। लौटते समय टीका का पुरवा (काजू) गांव के समीप बाइक सवार तीन बदमाशों ने कनपटी पर तमंचा सटाकर उनसे 11 हजार नकद, 300 ग्राम चांदी व 10 ग्राम सोने के आभूषण से भरा बैग और मोबाइल लूट ले गए थे। कारोबारी की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में तीन आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया था।
सराफा एसोसिएशन करेगा विरोध
सराफा कारोबारी पर गोली चलाने और लूट की घटना को लेकर व्यापारियों में आक्रोश है। ऑल इंडिया स्वर्णकार समाज के जिलाध्यक्ष राजू सोनी ने बताया कि लगातार सराफा व्यापारियों के साथ घटनाएं हो रही है। इससे संगठन से जुड़े लोगों में नाराजगी है। दो दिन में अगर घटना का खुलासा नहीं हुआ तो वे विरोध करेंगे। डीएम व एसपी कार्यालय में प्रदर्शन कर घेराव किया जाएगा।