भूमाफिया के खिलाफ गरजा बुलडोजर, खाली कराया गए चकरोड और तालाब
सदर तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांवों में शनिवार को अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चला। प्रशासन ने बुलडोजर रक्सराई गांव में चकरोड, बेरौंचा में तालाब व गौसपुर टिकरी में ग्राम समाज की भूमि अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई। प्रशासन की कार्रवाई से क्षेत्र के भूमाफिया में हड़कंप मचा हुआ है।
एसडीएम मंझनपुर प्रखर उत्तम के निर्देश पर क्षेत्र शनिवार को अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया गया। रक्सराई में ग्रामसभा में चकरोड संख्या 118 रकबा 0.114 हेक्टेयर पर बीते 30 साल से गांव के ही हुसैन कासिम ने अवैध कब्जा कर रखा था। इससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी होती थी। प्रकरण संज्ञान में आने पर एसडीएम प्रखर उत्तम ने अवैध अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। एसडीएम ने नायब तहसीलदार की अगुवाई में राजस्व टीम और पुलिस फोर्स भेजी।
टीम ने जेसीबी से चकरोड को अवैध कब्जा मुक्त कराया। इसी प्रकार बेरौंचा में तालाब की भूमि संख्या 863 व गौसपुर टिकरी में भी ग्राम सभा की भूमि को राजस्व टीम ने कब्जा मुक्त कराया। एसडीएम ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा पाए जाने पर कब्जा मुक्त कराने के साथ ही अवैध अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ एंटी भूमाफिया के तहत प्राथमिकी भी दर्ज कराने की चेतावनी दी है।
किशुनपुर अंबारी में प्रशासन ने अवैध कब्जे से मुक्त कराया चकरोड
चायल तहसील के किशुनपुर अंबारी गांव में शनिवार को प्रशासन ने चकरोड की पैमाइश कर कब्जा मुक्त कराया। तहसील प्रशासन ने यह कार्रवाई ग्राम प्रधान के पति सद्दाम अहमद की शिकायत पर की है। किशुनपुर अंबारी गांव स्थित आराजी संख्या 89 की जमीन सरकारी अभिलेखों में चकरोड के नाम से दर्ज है। इन दिनों गांव में मनरेगा योजना से मुख्य रोड से पक्की नाली तक 150 मीटर चकमार्ग की खोदाई कराई जा रही है।
आरोप है कि पूर्व प्रधान के बेटे शारदा प्रसाद उर्फ पिंटू बेड़िया ने चकरोड के कुछ अंश को कई वर्षों से अपने खेतों में मिलाकर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। अब मनरेगा के काम में अवरोध पैदा कर रहा है। मामले की शिकायत ग्राम प्रधान के पति सद्दाम अहमद ने एसडीएम से की। इस पर शनिवार को एसडीएम चायल मनीष कुमार यादव, तहसीलदार दीपिका सिंह ने राजस्व कर्मियों व पुलिस बल के साथ पहुंचकर उक्त जमीन की पैमाइश कर चकरोड को अवैध कब्जे से मुक्त करा दिया।