Buildings transformed into ruins will be grounded, take care of quality in new construction
- फोटो : KAUSHAMBI
खंडहर में तब्दील इ गाजियाबाद के श्मशान घाट हादसे में 24 लोगों की मौत के बाद प्रशासन जर्जर सरकारी भवनों को लेकर संजीदा हो गया है। बुधवार को जिलाधिकारी अमित कुमार सिंह ने कलक्ट्रेट सभागार में विभिन्न विभाग के अफसरों के साथ बैठक कर जर्जर भवनों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए। डीएम ने साथ ही नए भवनों को गुणवत्ता के साथ बनाने के लिए कहा। चेतावनी दी कि किसी तरह की लापरवाही होने पर जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बुधवार को जिलाधिकारी अमित कुमार सिंह ने विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के अधिशासी अभियंताओं के साथ निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि जिले में सरकारी कार्यालय, स्कूल, कॉलेज के अलावा अन्य भवन जो जर्जर हालत में हैं उन्हें तुरंत ध्वस्त किया जाए। अधिशासी अभियंताओं से कहा कि भ्रमणशील रहकर निर्माणाधीन सरकारी भवनों की गुणवत्ता को देखें। मंझनपुर में पैक्सफेड द्वारा बनाए जा रहे बस डिपो की प्रगति की जानकारी लेते हुए समयानुसार निर्माण कार्य को पूर्ण करने को कहा।
समीक्षा बैठक में बस डिपो भरवारी, सैनिक कल्याण, सीएचसी करारी, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, अग्निशमन केंद्र, स्टेडियम, कान्हा गोशाला एवं प्रशासनिक भवनों के निर्माण में तेजी लाने का निर्देश देते हुए कहा कि लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर होगी। इस मौके पर सीडीओ शशिकांत त्रिपाठी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी आदि मौजूद रहे।
डीएम ने विभिन्न दफ्तरों का किया निरीक्षण
गाजियाबाद की घटना के बाद जिलाधिकारी अमित कुमार सिंह ने विभिन्न दफ्तरों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एआरटीओ कार्यालय, बाट-माप दफ्तर, क्राइम ब्रांच, मंझनपुर कोतवाली व न्यायालय परिसर में निर्माणाधीन आवास पहुंचकर निर्माण कार्यों को बारीकी से देखा। साथ ही निर्माण सामग्री के बारे में जानकारी ली। निर्माण कार्य में लगी कार्यदायी संस्थाओं अधिशासी अभियंता को निर्देशित किया कि गुणवत्ता में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए।