बेसिक शिक्षा अधिकारी ने शनिवार को जूनियर व प्राथमिक छह स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान गायब मिले पांच शिक्षकों का वेतन अवरुद्ध कर दिया। इसके अलावा विद्यालय में गंदगी सहित अन्य खामियां पाए जाने पर तीन शिक्षकों से स्पष्टीकरण तलब किया है। निरीक्षण के बाद हुई कार्रवाई से शिक्षकों में हड़कंप है।
बेसिक शिक्षा अधिकारी एमआर स्वामी शनिवार को विद्यालयों के औचक निरीक्षण पर निकले। सबसे पहले वह बीआरसी मंझनपुर के महुवा खाड़ा प्राथमिक विद्यालय पहुंचे। यहां तैनात सहायक अध्यापक सबा बेगम व शिवभवन बगैर किसी सूचना के गायब मिले और सुमन देवी देर से स्कूल पहुंचीं। बीएसए ने दोनों गायब शिक्षकों का वेतन रोकते हुए देर से पहुंची सुमन देवी से स्पष्टीकरण तलब किया है। इसके बाद प्राथमिक विद्यालय सेहिया आमद करारी पहुंचे। यहां पर तैनात सहायक अध्यापक आशीष त्रिपाठी व गुलनाज फात्मा गायब रहे।
दोनों शिक्षकों का एक दिन का वेतन अवरुद्ध किया गया। यहीं के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में निरीक्षण के दौरान सब कुछ ठीक मिला। प्राथमिक विद्यालय कोड़र में भी निरीक्षण के दौरान स्थिति ठीक पाई गई। प्राथमिक विद्यालय भगौतापुर का निरीक्षण करते समय बीएसए को खामियों का अंबार मिला। वर्ष 2012-13 में निर्मित विद्यालय भवन अपूर्ण हालत में मिला। खिड़की, दरवाजे नहीं पाए गए तो छत टपकती मिली। विद्यालय में गेट तक नहीं लगा पाया गया। इससे नाराज बीएसए ने निर्माण प्रभारी धर्मेंद्र कुमार सिंह से स्पष्टीकरण तलब किया है।
प्राथमिक विद्यालय मलाक पचंभा तैनात प्रधानाध्यापक की शिकायत मिली कि वह 14 सितंबर से स्कूल नहीं आ रहे हैं। सहायक अध्यापकों से इसकी पुष्टि की गई तो आरोप सही पाए गए। इस पर प्रधानाध्यापक रामचंद्र का तीन दिन का वेतन अवरुद्ध करते हुए उनसे स्पष्टीकरण तलब किया गया है। बीएसए की कार्रवाई से आरोपी शिक्षकों में हड़कंप है।