बीआरसी कड़ा के प्राथमिक और जूनियर विद्यालय मनमानी का शिकार हैं। इसका खुलासा शनिवार को बीएसए के औचक निरीक्षण में हुआ। उन्होंने चार शिक्षकों का जुलाई माह का वेतन रोकते हुए दो प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण तलब किया है। इसके अलावा तीन स्कूलों के जिम्मेदारों को छात्रों की उपस्थिति सुधारने का निर्देश दिया।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डीएस यादव शनिवार को बीआरसी कड़ा के स्कूलों के निरीक्षण पर निकले। सबसे पहले उन्होंने प्राथमिक विद्यालय अटसराय का निरीक्षण किया। यहां पर पंजीकृत बच्चों की तुलना में छात्रों की उपस्थिति दस फीसदी भी नहीं रही। जबकि इससे पहले के दिनों में एमडीएम अधिक बच्चों का रजिस्टर में बना अंकित मिला। प्रधानाध्यापक की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए बीएसए ने जुलाई माह का वेतन अवरुद्ध किया। इसी विद्यालय की ऊष्मा देवी और उमा देवी सहायक अध्यापिका निरीक्षण तिथि का वेतन रोक दिया। यहां के बाद वह प्राथमिक विद्यालय अझुआ द्वितीय पहुंचे। विद्यालय से गायब सहायक अध्यापिका खुशनुमा बानों का माह जुलाई का वेतन रोकने की कार्रवाई की।
इसके बाद यहीं के पूर्व माध्यमिक विद्यालय पहुंचे। विद्यालय की सहायक अध्यापिका प्रतिभा यादव और साधना देर से पहुंची। दोनाें से बीएसए ने स्पष्टीकरण तलब किया है। यहां के बाद बीएसए ने पूर्व माध्यमिक विद्यालय थुलगुला, प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय मर्दानपुर वर्जी का निरीक्षण किया। पूर्व माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रमोद कुमार सहायक अध्यापक बलबीर सिंह और पवन कुमार एक एलआईसी एजेंट के साथ गप्पे लड़ाते मिले। बीएसए ने तीनों का निरीक्षण तिथि का वेतन अवरुद्ध कर दिया। बीएसए के निरीक्षण से बीआरसी कड़ा के स्कूलों में दिनभर हड़कंप रहा।