कोरोना काल में पिछले डेढ़ महीने के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौत का शिकार हुए हैं। इनमें से कुछ कोविड पीड़ित तो कुछ कोरोना से मिलते-जुलते लक्षण वाले लोग शामिल हैं। तमाम लोग अन्य बीमारियों से भी मौत का शिकार हुए हैं। आलम यह है कि जिले के आधा दर्जन से ज्यादा प्रमुख गंगा-यमुना घाटों पर अप्रैल के महीने में रोजाना 20-25 लाशें अंतिम संस्कार के लिए पहुंचती रहीं। हालांकि, करीब एक हफ्ते से मृतकों की संख्या एक चौथाई रह गई है।
घाट किनारे रहने वाले लोगों के अनुसार इनमें से दो तिहाई लाशों का उनके परिजन दाह संस्कार करने के बजाय नदी की रेती में ही दफना देते हैं। इसके पीछे उनकी आर्थिक तंगी को हवाला दिया जा रहा है। प्रदेश के अन्य जनपदों की तरह कौशाम्बी जिले में भी गंगा-यमुना की रेती में लाशों के दफन किए जाने के निशान मिल रहे हैं। कड़ा स्थित हनुमान घाट में इस तरह का नजारा साफ देखा जा सकता है। यहां पीपा पुल के रास्ते उस पार जाकर तमाम लोग अपने-अपने परिजनों के शव दफन कर रहे हैं। हालांकि, इसकी भनक लगते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। डीएम ने इस पर रोक लगाने के लिए स्थानीय पुलिस को अलर्ट कर दिया है।
कोरोना संक्रमण से पहले हनुमान घाट पर रोजाना एक-दो शव आते थे। लेकिन जब से कोरोना काल शुरू हुआ यहां पर प्रतिदिन अंतिम संस्कार के लिए 15-20 शव आने लगे। हालांकि करीब एक सप्ताह से संख्या घटकर पांच-सात तक आ गई है। गरीबी से परेशान लोग पीपे के पुल से गंगा के उस पार शव ले जाकर गड्ढा खोद कर दफना देते हैं। सुगग्न- हनुमान घाट के डोम रजा
अंतिम संस्कार में टूट रही कोविड गाइडलाइन
सरकार की तरफ से 20 लोगों को अंतिम संस्कार में शामिल होने की इजाजत दी है, लेकिन ज्यादातर शव यात्राओं में घाटों पर सैकड़ों की तादाद में लोग इकट्ठा हो रहे हैं। इनमें से तमाम लोग मास्क भी नहीं लगाए रहते हैं। इससे संक्रमण फैलने का खतरा और बढ़ गया है।
इनका कहना है
गंगा-यमुना की रेती में शव ना दफनाएं जाएं इसके लिए अलर्ट जारी कर दिया गया है। गरीब परिवारों को आर्थिक तंगी के कारण किसी को शवों केे अंतिम संस्कार करने में कोई दिक्कत नहीं हो, इसके लिए प्रशासन की ओर से धनराशि मुहैया कराने की व्यवस्था है। इस बाबत पंचायती राज विभाग को निर्देशित किया जा चुका है।
अमित कुमार सिंह-डीएम
निर्मल गंगा में न फेंके शव, प्रदूषित होने से बचाएं : विनय
निर्मल गंगा में शव फेंकने से रोकने के लिए समाजसेवी संस्थाएं आगे आ रही हैं। शनिवार को गंगा गोमती ट्रस्ट के अध्यक्ष विनय कुमार पंडा कड़ा के कुबरी घाट, कालेश्वर घाट, हनुमानघाट सहित आधा दर्जन गंगा घाटों में नौका बिहार करते हुए लोगों को गंगा में शव न फेंकने की अपील की। कहा कि निर्मल गंगा में शव फेंक कर प्रदूषित न करें। उनके साथ अमित कुमार निषाद के अलावा कई गोताखोर भी मौजूद रहे।