बहुप्रतीक्षित तीन नए कानून सोमवार की रात से लागू हो गए। नए कानून भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) का खाता जिले के संदीपनघाट कोतवाली से खुला। यहां पहला मुकदमा मारपीट और धमकी देने का दर्ज हुआ। पुलिस ने पिटाई से जख्मी मजदूर की तहरीर पर मुकदमा दर्ज ही नहीं किया, घटना की छानबीन भी शुरू कर दी है।
एक जुलाई की आधी रात से देश भर में 3 नए कानून भारतीय न्याय संहिता-2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम-2023 लागू हो गए। सोमवार को हुई आपराधिक घटनाओं के अभियोग नए कानून भारतीय न्याय संहिता के तहत दर्ज किए गए।
जिले में पहला मुकदमा संदीपनघाट कोतवाली में शाम 3.46 बजे दर्ज हुआ। यहां के कशिया गांव निवासी मजदूर चौबेलाल पासी ने बताया कि पड़ोसी छुइया आए दिन उसकी पत्नी सुमित्रा देवी, बेटी कुंती, सुनीता, उपासना व अंजलि को गालीगलौज कर परेशान करता रहता है। सोमवार सुबह भी वह बेवजह बेटियों को गालियां दे रहा था।
आरोप है कि विरोध करने पर छुइया ने उसे बेरहमी से पीट दिया। चीख-पुकार सुन जुटे ग्रामीणों के बीच बचाव करने पर आरोपी धमकी देते हुए भाग निकला। पिटाई से जख्मी चौबेलाल ने कोतवाली पहुंचकर नामजद तहरीर दी। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी भुइया के खिलाफ नए कानून बीएनएस की धारा 115(2), 351(2) व 352 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया।
थानाध्यक्ष ब्रजेश करवरिया का कहना है कि आरोपी के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज कर घटना की छानबीन की जा रही है।
संसद में पारित तीन नए कानून एक जुलाई (सोमवार की रात 12 बजे से) लागू हो गए हैं। जिले की संदीपनघाट कोतवाली में नए कानून भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत पहला मुकदमा मारपीट का दर्ज किया गया है। इसके अलावा चरवा, कोखराज, सैनी व कड़ाधाम कोतवाली में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 170,126,135 में 9 आरोपियों का चालान न्यायालय भेजा गया है।
बृजेश कुमार श्रीवास्तव, एसपी