संदीपनघाट कोतवाली क्षेत्र के गौसपुर गांव में धान के खेत में दवा का छिड़काव करते समय किसान की मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक कीटनाशक छिड़कने वाली मशीन का नोजल जाम हो गया था। किसान उसे मुंह से फूंक मारकर साफ करने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान दवा मुंह में चली गई।
गौसपुर निवासी रामकुमार (50) पुत्र रामसुख खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। पत्नी शोभा देवी के अनुसार शनिवार सुबह रामकुमार धान की फसल में मशीन से कीटनाशक का छिड़काव करने गए थे। मशीन में दवा फंस गई तो रामकुमार नोजल खोलकर उसमें फूंक मार रहे थे, जिससे कीटनाशक उनके मुंह में चला गया। इसके बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी और कुछ ही देर में वह बेहोश हो गए। जानकारी होने पर परिजन निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक किसान के तीन बच्चे हैं। शनि (16) व गोलू (14) और एक बेटी कोमल है। तीनों पढ़ाई करते हैं।
किसान की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इंस्पेक्टर नरेंद्र नागर ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मामले की छानबीन की जा रही है।
पोस्टमार्टम के बाद रिपोर्ट तैयार कर शासन स्तर पर भेजी जाएगी। पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद दिलाने का प्रयास किया जाएगा। प्रेरणा गौतम, एसडीम चायल
क्या न करें
-नोजल बंद होने पर उसे मुंह से नहीं, एक पतले तार, सुई या ब्रश से साफ करें
-नोजल में फंसी गंदगी को बिना दस्ताना पहने अंगुली या नाखून से साफ न करें
-कीटनाशक डालते या छिड़कते समय कुछ खाएं, पीएं नहीं
-हवा चलने की उल्टी दिशा में खड़े होकर दवा का छिड़काव न करें
क्या करें
-छिड़काव के दौरान फुल बाजू के कपड़े, मास्क और चश्मा दस्ताने जरूर पहनें
-काम खत्म होने के बाद साबुन से अच्छी तरह नहाएं और कपड़ों को अलग रखें
आपातकालीन स्थिति
-बिना समय गंवाए मरीज को नजदीकी अस्पताल या डॉक्टर के पास पहुंचाएं
-जिस दवा का छिड़काव किया जा रहा था, उसका डिब्बा या रैपर डॉक्टर को जरूर दिखाएं
किसान की मौत के बाद रोते-बिलखते परिजन। स्रोत: ग्रामीण