मंझनपुर। हक की लड़ाई के लिए भाकियू अब गांव-गांव किसानों की टीम तैयार करेगी। किसानों की समस्याओं के समाधान को एकजुट होकर संघर्ष करने की ऐसी ही रूपरेखा रविवार को मंझनपुर में आयोजित भाकियू की बैठक में बनी। इस दौरान भाकियू नेताओं ने अफसरों पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाया।
मंझनपुर में रविवार को भारतीय किसान यूनियन की बैठक हुई। इसमें किसानों की समस्याओं पर चर्चा की गई। भाकियू नेताओं ने आरोप लगाया कि किसानों की समस्याओं के समाधान में अफसर गंभीरता नहीं दिखाते हैं। जिलाध्यक्ष बलवीर सिंह चौहान ने कहा कि अफसरों की मनमानी के कारण किसानों को पट्टा मिली जमीन अब तक भू-अभिलेखों में उनके नाम भूमिधरी दर्ज नहीं की जा सकी है।
मंझनपुर तहसील में ही सैकड़ों किसान इसके लिए कई-कई साल से भटक रहे हैं। जिलाध्यक्ष ने कहा कि अब किसानों को अपने हक की इस लड़ाई में एकजुट होना पड़ेगा। इसके लिए भाकियू सभी 440 गांवों में अभियान चलाकर संघर्ष के लिए किसानों की टीम बनाएगी, ताकि समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष किया जा सके। मंडल अध्यक्ष नुरूल इस्लाम ने भी अफसरों पर निशाना साधा। कहा कि किसानों की भूमि पर उसकी मर्जी के बिना तार के खंभे लगा दिए जाते हैं।
उन्हें मुआवजा भी नहीं दिया जाता है। इससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। इस दौरान किसानों ने सामान्य गांवों के गरीबों को भी लोहिया और इंदिरा आवास आवंटन की मांग की। मौके पर भइयालाल धुरिया, बच्चालाल, मोहम्मद रजी, देवनाथ, पीतंबरलाल, दशरथलाल, धर्मराज तिवारी, कलावती, अलोपी, सत्तार, सिद्धशरण गुप्ता, सुशील सिंह, छोटेलाल आदि मौजूद रहे।