BKU activists on the sidelines to bring justice to the innocent girl
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प्रयागराज के करेली इलाके की मासूम खुशी की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है। राजनीतिक दलों के बाद बच्ची को इंसाफ दिलाने के लिए किसान यूनियन भी सड़क पर उतर गई। यूनियन सदस्यों ने मंगलवार को अस्पताल गेट के बाहर प्रदर्शन किया। करीब चार घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान पदाधिकारियों ने अस्पताल को बंद कराने की मांग उठाई। कार्यकर्ताओं ने डीएम को संबोधित सात सूत्रीय मांगों का ज्ञापन एसडीएम सदर को सौंपा।
प्रयागराज के करेली निवासी मुकेश मिश्रा की बेटी का पिपरी के रावतपुर स्थित यूनाइटेड मडिसिटी हॉस्पिटल में लगभग बीस दिनों तक इलाज चला था। पांच दिनों पहले इलाज के बाद अस्पताल गेट पर ही तीन वर्षीय मासूम खुशी ने तड़प कर दम तोड़ दिया था।
बेटी की मौत से आक्रोशित पिता मुकेश मिश्रा समेत ग्रामीणों ने डाक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। सूचना पर पिपरी पुलिस ने डॉ. अंकित गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही डीएम के आदेश पर गठित की गई तीन टीमें जांच में जुटी हैं। चार दिन बीतने के बाद भी खुशी प्रकरण की जांच पूरी नहीं हो सकी है।
इससे नाराज भारतीय किसान यूनियन कार्यकर्ताओं ने प्रयागराज के जिलाध्यक्ष अनुज सिंह की अगुवाई में मंगलवार को अस्पताल गेट पर प्रदर्शन किया। किसानों ने कहा कि अस्पताल और अस्पताल से जुड़े मेडिकल कॉलेज के लाइसेंस और आरोपी चिकित्सक अंकित गुप्ता की डिग्री की जांच कराई जाए। इस बीच पहुंचे प्रयागराज जनपद के एसडीएम सदर अजय नारायण सिंह व सीओ चायल श्यामकांत ने किसानों को जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया। करीब चार घंटे बाद अधिकारियों के आश्वासन पर किसानों ने ज्ञापन देकर प्रदर्शन खत्म किया।