भाजपा के मौजूदा विधायकों के सामने अपनों की ही चुनौती है। तीनों विधानसभा सीटों पर विधायकों के अलावा कई नेताओं ने पार्टी से टिकट मांगा है। अब तक 14 दावेदार सामने आ चुके हैं। इसमें सबसे अधिक छह दावेदार चायल विधानसभा क्षेत्र से सामने आए हैं।
2017 में भाजपा ने पहली बार जिले की मंझनपुर, सिराथू और चायल विधानसभा सीटों पर कब्जा जमाया था। तीनों पर अब भी पार्टी के विधायक हैं। लेकिन इनके सामने अब अपनी ही पार्टी के दावेदार चुनौती बनकर सामने आ रहे हैं। तीनों विधानसभा सीटों पर अब तक 14 लोगों ने पार्टी से टिकट के लिए दावेदारी की है। मंझनपुर विधान सभा से पांच और सिराथू से तीन दावेदार हैं। इनमें से कई दावेदार अपना बायोडाटा भी जिलाध्यक्ष को दे चुके हैं।
कुछ दावेदार लगातार नेतृत्व से संपर्क बनाए हुए हैं। इससे वर्तमान विधायकों के खेमे में बेचैनी है, लेकिन किस विधानसभा क्षेत्र में विधायक के स्थान पर नए उम्मीदवार को भाजपा चुनाव लड़ने का मौका देगी? इस सवाल पर लोग अपने-अपने स्तर से आकलन कर रहे हैं। कोई कहता है कि उम्र के मानकों पर उम्मीदवारी कसी जाएगी और कोई कहता है कि पांच साल के कार्यकाल को कसौटी पर कसा जाएगा, लेकिन किस आधार पर प्रत्याशी बनाए जाएंगे, इस पर दावेदार अपने-अपने स्तर से जानकारी जुटा रहे हैं।
विधायक नए दावेदारों के सामने अपनी उम्मीदवारी को मजबूती से रखने में जुटे हुए हैं। वहीं विधायकों ने भी अपनी उम्मीदवारी के लिए नेतृत्व के सामने अपना पक्ष रखना शुरू कर दिया है।विधायक अपने कार्यकाल की उपलब्धियां आलाकमान को बता रहे हैं।
2017 में चुने गए थे ये विधायक
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में मंझनपुर से लाल बहादुर, सिराथू से शीतला प्रसाद पटेल और चायल से संजय कुमार गुप्ता भाजपा विधायक चुने गए हैं। यह पहला मौका था, जब तीनों सीटों पर भाजपा ने अपना कब्जा जमाया है।
1993 में शिवदानी ने खोला था खाता
दोआबा में पहली बार 1993 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी का खाता खुला था। उस वक्त कौशाम्बी प्रयागराज जनपद का हिस्सा था। तत्कालीन प्रयागराज जनपद की चायल विधानसभा सीट से पार्टी प्रत्याशी शिवदानी ने चुनाव जीता था।
2012 में सिराथू से पार्टी नहीं पर्सनॉलिटी ने जीता था चुनाव
2012 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश भर में सपा की लहर थी। लेकिन उस वक्त भी बसपा के अभेद्य दुर्ग कहे जाने वाले कौशाम्बी जनपद की किसी भी सीट से सपा प्रत्याशी को सफलता नहीं मिली थी। इस चुनाव में मंझनपुर सीट से तत्कालीन बसपा प्रत्याशी रहे इंद्रजीत सरोज और चायल से आसिफ जाफरी विधायक बने थे। जबकि भाजपा के केशव प्रसाद मौर्य ने सिराथू से जीत हासिल कर खुद को मजबूत साबित किया था। उस वक्त कहा जा रहा था कि सिराथू से पार्टी नहीं बल्कि पर्सनॉलिटी ने चुनाव जीता है।
विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी में कुछ नए दावेदार उभरे हैं, लेकिन इसे लेकर नेतृत्व ही फैसला लेगा। अगर जिला इकाई से किसी दावेदार के बारे में जानकारी मांगी जाएगी तो अवगत करा दिया जाएगा।।
अनीता त्रिपाठी, भाजपा जिलाध्यक्ष