Biodiversity park to be built in Alwara, boating will also be done
- फोटो : KAUSHAMBI
अलवारा में बनेगा जैव विविधता पार्क, बोटिंग भी होगी
परियोजना को शासन ने दी स्वीकृति, रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। सबकुछ ठीक रहा तो जल्द ही यमुना किनारे स्थित दोआबा की झील अलवारा जल्द ही पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनेगी। जैव विविधता पार्क बनाया जाएगा। यहां पर्यटकों के लिए बोटिंग की भी सुविधा होगी। इससे यहां के स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा। इसके लिए वन विभाग की ओर से करीब 9.03 करोड़ की परियोजना को शासन ने मंजूरी दे दी है। नमामि गंगे योजना से तीन लाख रुपये अवमुक्त भी कर दिया गया।
प्रयागराज मंडल की इकलौती झील अलवारा कौशाम्बी जिले के सदर तहसील में यमुना किनारे स्थित है। तकरीबन 405 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैली यह झील सर्दियों दशकों से मेहमान परिंदे (साइबेरियन पक्षी) का ठिकाना रहती है, लेकिन उपेक्षा के चलते जैन बौद्ध की तपस्थली में श्रीलंका, चीन, जापान आदि देशों से आने वाले हजारों पर्यटक झील की सुंदरता को निहारने कम ही पहुंच पाते हैं। पर्यटन की अपार संभावनाओं के साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से सरकार ने झाील के सौंदर्यीकरण का फैसला लिया। शासन के निर्देश पर वन विभाग ने चार महीने पहले झील में जैव विविधता पार्क (बायो डायवर्सिटी पार्क) बनाने का प्रस्ताव भेजा। प्रभागीय वनाधिकारी पीके सिन्हा ने बताया कि प्रथम चरण में 30 एकड़ के क्षेत्रफल में पार्क विकसित किया जाएगा। नौ करोड़ तीन लाख रुपये वाली इस परियोजना को नमामि गंगे योजना के तहत शासन ने स्वीकृत दे दी है। पार्क के अंदर पर्यटकों के लिए बोटिंग की व्यवस्था की जाएगी। भू क्षरण रोकने के लिए डैम का निर्माण, ग्रामीणों/स्थानीय कृषकों की जागरूकता के लिए वन चेतना केंद्र का निर्माण, हट्स (झोपड़ियां), फारेस्ट गार्ड चौकी, नर्सरी, प्लांटेशन आदि के कार्य कराए जाएंगे। माना जा रहा है जेव विविधता पार्क विकसित होने के बाद यहां पर बड़ी संख्या में पर्यटक ऐतिहासिक झील अलवारा की सुंदरता को निहारने के लिए आएंगे। इससे रोजगार को भी बढ़ावा मिलना तय है।