हेलमेट अनिवार्यता कानून बनने के बाद भी दोआबा की पुलिस पालन कराने में फेल नजर आ रही है। आदेश के दो-चार दिन तक तो इसका असर दिखा। इसके बाद जिले की पुलिस हेलमेट अनिवार्यता कानून को पूरी तरह से भूल बैठी है। आम नागरिकों के अलावा पुलिस प्रशासन के लोग भी हेलमेट पहनने से कतराते है। हेलमेट अनिवार्यता कानून का कितना पालन हो रहा है महकमे के आला हाकिम इसे कभी भी सड़कों पर देख सकते हैं।
प्रदेश सरकार ने सुरक्षा की दृष्टि से बाइक चालकों के लिए हेलमेट पूरी तरह से अनिवार्य कर दिया है। शासन द्वारा कानून पारित करने के बाद जिले के पुलिस अधीक्षक वीके मिश्र ने सभी थानाध्यक्षों, सिपाहियों, पुलिस लाइन में तैनात आरआई को कानून का पालन करते हुए बाइक चालकों से इसका पालन कराने का निर्देश दिया था। एसपी के निर्देश के बाद दो-चार दिन तो जिले की पुलिस ने सघनता से अभियान चलाया। इसके बाद पुलिस इसे भूल बैठी। पुलिस की शिथिलता को देख बाइक चालक बगैर हेलमेट के सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। प्राइवेट चालक तो दूर पुलिस के जवान तक हेलमेट लगाने की अनिवार्यता को भूल बैठे हैं।
हेलमेट अनिवार्यता कानून का शतप्रतिशत पालन कराने का निर्देश मातहतों को दिया गया है। इसमें कोताही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। महकमे के लोग बगैर हेलमेट के सड़क पर दिखे तो उन पर कड़ी कार्रवाई होगी।
वीके मिश्र, एसपी कौशाम्बी